लुधियाना, पंजाब में हाल ही में एक गंभीर मामले का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें सेहत विभाग की लापरवाही सामने आई है। स्थानीय नागरिकों को सील बंद एक्सपायरी दूध के सेवन के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह घटना चंडीगढ़ रोड पर ग्लाडा मैदान के निकट स्थित चौरसिया पान भंडार की दुकान से संबंधित है। जब कुछ ग्राहक दुकान पर ठंडा पेय पदार्थ पीने पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि दुकान पर कोल्ड ड्रिंक उपलब्ध नहीं है। इसके बाद, उन लोगों ने दुकानदार से बंद पैकेट में दूध खरीदने का निर्णय लिया।
एक ग्राहक, जगराज सिंह, ने बताया कि जब वह अपने साथियों के साथ दुकान पर गए थे, तो उन्होंने दूध की बोतलें खरीद लीं। हालाँकि, दूध पीने के दौरान जगराज की नजर अचानक एक्सपायरी डेट पर पड़ी, जो कि 11वें महीने 2024 थी। जगराज ने दुकानदार से इस बारे में सवाल किया, जिसके जवाब में दुकानदार ने यह कहा कि “फिर क्या है, आपको कुछ हुआ तो नहीं।” यह सुनकर जगराज भड़क गए और उन्होंने दुकानदार के साथ बहस करना शुरू कर दिया। इसके परिणामस्वरूप, उन्होंने थाना मोती नगर में दुकानदार के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई।
इस घटना के बारे में जगराज ने यह भी कहा कि सेहत विभाग को दुकानों की नियमित रूप से जांच करनी चाहिए, ताकि ऐसा न हो कि ग्राहक को एक्सपायरी प्रोडक्ट बेचा जाए। उनकी इस शिकायत ने यह स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में प्रशासन की जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए। लोगों को अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अधिक सजग रहना आवश्यक है और यह भी जरूरी है कि संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारियों का एहसास करे।
दुकानदार त्रिशाल चौरसिया ने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि यह दुकान उसके भाई, रूपेश चौरसिया की है। उन्होंने यह भी कहा कि वह केवल 24 घंटे पहले ही यहां दुकान संभालने आए हैं और घटना के बारे में उन्होंने अपने भाई को सूचित कर दिया है। इस तरह की लापरवाहियों के लिए जिम्मेदारी का बंटवारा कभी-कभी दुकानदारों के बीच होता है, लेकिन ग्राहकों की सेहत की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि कैसे कुछ दुकानदार ग्राहक की सेहत की उपेक्षा कर सकते हैं, जबकि सरकारी विभाग और स्थानीय प्राधिकरण कार्रवाई करने में विफल रहते हैं। अगर ऐसी घटनाएं बार-बार होती रहीं, तो यह समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बनेगा। लोगों को नकली और एक्सपायरी उत्पादों से बचाने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि सभी को सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ मिल सकें।