दिल्ली में 5 फरवरी को आयोजित होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। इस सूची में विशेष रूप से ध्यान देने वाली बात यह है कि पूर्व क्रिकेटर और पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू का नाम शामिल नहीं है। इस संदर्भ में, जालंधर के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को सूची में पहले स्थान पर रखा गया है। इसके बाद पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और लुधियाना के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग तथा सुखपाल सिंह खैहरा का नाम भी सूची में शामिल है।
नवजोत सिंह सिद्धू का स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर रहना किसी नए घटनाक्रम का हिस्सा नहीं है। इससे पहले भी सिद्धू लोकसभा चुनाव और पंजाब विधानसभा उपचुनाव में सक्रिय नहीं रहे थे। उन्होंने अपने अनुपस्थिति का कारण अपनी पत्नी की बीमारी बताया था, जिसके चलते उनका ध्यान केवल परिवार के स्वास्थ्य पर था। पिछले वर्ष जनवरी से ही वे पंजाब कांग्रेस पार्टी से दूर हैं और पार्टी कार्यालय में भी उनका कोई योगदान नहीं देखा गया है। इस दौरान वह केवल अपने करीबी नेताओं से मिलते रहे और फिर उन्होंने टीवी कमेंट्री पर अपना ध्यान केन्द्रित कर दिया।
पिछले साल मार्च में, जब लोकसभा चुनाव के बारे में सवाल हुआ था, तो सिद्धू ने स्पष्ट किया था कि उनका प्राथमिक उद्देश्य केवल पंजाब की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि वह केंद्र में जाने की योजना नहीं बना रहे हैं। सिद्धू का यह बयान तब आया था जब मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या वह लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। यदि उन्हें केंद्रीय मंत्री बनना होता, तो वे बीजेपी के टिकट पर कुरुक्षेत्र से चुनाव लड़ सकते थे।
वहीं, हिमाचल और हरियाणा की सूची में भी कई प्रमुख नेताओं का नाम शामिल किया गया है। इसमें हरियाणा की सांसद कुमारी सैलजा, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को जगह दी गई है। पूरे 40 सदस्यों की सूची में कुमारी सैलजा का नाम 12वें क्रम पर है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी राजनीतिक स्थिति को बनाए रखा है। इस प्रकार कांग्रेस पार्टी ने विभिन्न राज्यों से अपने स्टार प्रचारकों की एक मजबूत टीम बनाई है, जबकि सिद्धू की अनुपस्थिति दर्शाती है कि पार्टी में उनकी गतिविधियाँ अब सीमित हो गई हैं।
अब देखना होगा कि यह स्थिति आगामी विधानसभा चुनाव पर क्या प्रभाव डालती है। सिद्धू की गैरमौजूदगी पार्टी की चुनावी संभावनाओं को कैसे प्रभावित करेगी और अन्य नेताओं का किस प्रकार का योगदान देखने को मिलेगा। कांग्रेस पार्टी की यह सूची उसके चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है और यह देखने वाली बात होगी कि आने वाले दिनों में यह कैसे विकसित होती है।