पंजाब में कच्चे कर्मचारियों की स्थायी नौकरी की मांग को लेकर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। पनबस और पीआरटीसी द्वारा चलाए जाने वाले बसों का संचालन 6 से 8 जनवरी तक पूरी तरह से बंद रहेगा। यह निर्णय लगभग 8 हजार कर्मचारियों द्वारा हड़ताल में भाग लेने के कारण लिया गया है। मोगा में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान पनबस और पीआरटीसी बस प्राइवेट वर्कर यूनियन के राज्य अध्यक्ष रेशम सिंह ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अनेक वर्षों से उनकी कुछ प्रमुख मांगें हैं, जिनमें कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति, वेतन वृद्धि और ठेका प्रथा को समाप्त करने की अपील शामिल है।
रेशम सिंह ने यह भी बताया कि वे कई बार सरकार को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब भी कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पिछले महीने ट्रांसपोर्ट मंत्री से इन मुद्दों का समाधान कर लेने के निर्देश दिए थे, इसके लिए मंत्री के साथ एक बैठक भी आयोजित की गई थी, लेकिन इसका कोई स्थायी परिणाम नहीं निकला। रेशम सिंह ने कहा, “हमारी मांगों को एक महीने से अधिक समय हो गया है, और अब तक किसी भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।”
इन कर्मचारियों का यह हड़ताल पंजाब के विभिन्न हिस्सों में हस्तक्षेप कर सकता है। हड़ताल की घोषणा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वे भविष्य में भी अनिश्चितकालीन हड़ताल कर सकते हैं। इससे राज्य के परिवहन सेवाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ने की संभावना है, वहीं यात्रियों को भी इससे परेशानी उठानी पड़ सकती है।
यह स्थिति न केवल कर्मचारियों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी चिंताजनक है। लोग अपनी दैनिक यात्रा के लिए बसों पर निर्भर करते हैं, और तीन दिन का यह परिवहन ठप होना परिवहन सुविधाओं को प्रभावित करेगा। पनबस और पीआरटीसी द्वारा इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप की आवश्यकता है ताकि हड़ताल को टाला जा सके और यात्रियों के दैनिक जीवन में कोई बाधा न आए।
इस संदर्भ में, भविष्य में कर्मचारियों की स्थायी नियुक्तियों और बेहतर वेतन के लिए जनजागरण अभियान चलाने की भी आवश्यकता है, जिससे सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले सके। अगर यह समस्या समय रहते हल नहीं होती है, तो इसे नजरअंदाज करना राज्य के लिए एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। ऐसे में सभी पक्षों को बैठकर इस मसले का समुचित हल निकालने की जरूरत है।