राजसी ठाट—बाट के साथ महाकुम्भ क्षेत्र पहुंचे ज्योतिष्पीठ शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानन्द महाराज
महाकुम्भ नगर, 10 जनवरी (हि.स.)। राजसी ठाट—बाट बैंड बाजे के साथ श्रीमज्ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगत गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती जी महाराज शुक्रवार को भगवान आदि शंकराचार्य मंदिर श्री ब्रह्म निवास अलोपीबाग से भव्य यात्रा पूर्वक महाकुम्भ मेला क्षेत्र में स्थित श्रीमज्ज्योतिष्पीठ शंकराचार्य शिविर में प्रवेश किया।
रथारूढ़ स्वामी वासुदेवानन्द जी की इस यात्रा में 30 रथों पर विभिन्न अखाड़ों के महामंडलेश्वर, मंडलेश्वर श्री महंत एवं दंडी सन्यासी व साधु संत आरूढ़ रहकर यात्रा मार्ग में श्रद्धालु भक्तों को दर्शन व आशीर्वाद दे रहे थे।
यात्रा में ध्वज पताकाओं के साथ पूज्य भगवान पूर्व श्री शंकराचार्यों का विशाल चित्र सजाया हुआ था। यात्रा में दर्जनों धार्मिक चौकियां थीं। गंगा जी को शंकर जी की जटा से निकलते हुए दर्शाया गया है, जिसे श्रद्धालुओं ने बहुत पसंद किया। डीजे बैंड पार्टी, ढोल ताशा पार्टी सभी अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान आकृष्ट किया।
विशाल छावनी प्रवेश पेशवाई में एक दर्जन ऊँट, बीस घोड़े एवं दर्जनों बैंड बाजा व ढोल तासा डीजे शामिल थे। पूओ रास्ते में श्रद्धालुओं की भीड़ थी। कलाकार अपने प्रदर्शन दिखा रहे थे। साधु संत तलवारबाजी का प्रदर्शन कर रहे थे। शंकराचार्य जी चांदी के सिंहासन पर बैठकर सभी को आशीर्वाद दे रहे थे। चौक के व्यापारियों ने फूलों की वर्षा करके उनका स्वागत किया। निर्धारित यात्रा मार्ग के अनुसार शोभा यात्रा पूज्य शंकराचार्य मन्दिर अलोपीबाग से प्रारम्भ होकर चुंगी चौराहा (पूज्य श्री शंकराचार्य मार्ग) फोर्ट रोड चौराहा, श्री रामजानकी मन्दिर त्रिवेणी बाँध, त्रिवेणी रोड, अखाड़ा मार्गों से होते हुए ज्योतिष्पीठ शंकराचार्य शिविर में प्रवेश किया। जहाँ पूज्य शंकराचार्य ने भक्तों को आशीर्वाद दिया।
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