जगराओं की टैंट दुकान से चोरी का नाटकीय खुलासा, लैपटॉप चुराने वाला चोर गिरफ्तार!

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पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं में चोरी की घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। हाल ही में एक चोरी की घटना ने शहर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। सब्जी मंडी रोड पर स्थित एक टेंट हाउस में एक अज्ञात चोर ने घुसकर सामान चोरी कर लिया। मामला तब प्रकाश में आया जब दुकान के प्रमुख, जयकिशन गोयल ने पुलिस को इसकी शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी की पहचान की, जो कि सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया था।

आरोपी की पहचान हरप्रीत सिंह उर्फ नन्नू के रूप में हुई है, जिसने दुकान के पीछे स्थित स्टोर का ताला तोड़कर वहां से लैपटॉप और चार्जर चुराए थे। एएसआई कुलदीप ने जानकारी देते हुए बताया कि दुकानदार ने शाम को करीब 8 बजे दुकान बंद की और अगले दिन जब वह लौटे तो पाया कि स्टोर का ताला टूटा हुआ था। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के अनुसार, आरोपी दीवार फांदकर दुकान में प्रवेश करता है और चोरी की वारदात को अंजाम देता है। इससे स्पष्ट होता है कि चोर की योजना पूर्वनियोजित थी और उसने चोरी को आसानी से अंजाम दिया।

सूत्रों से पता चला है कि हरप्रीत सिंह के खिलाफ पहले से ही चोरी के तीन मामले दर्ज हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह एक पुराना अपराधी है। पुलिस ने अब उसे गिरफ्तार कर लिया है और मामले की विस्तारित जांच जारी है। स्थानीय निवासियों ने इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की है और पुलिस से गश्त बढ़ाने की मांग की है ताकि ऐसे अपराधों पर लगाम लगाई जा सके। शहर में बढ़ती चोरी की घटनाएं लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा कर रही हैं, जिससे नागरिक अपने व्यवसायों और संपत्तियों को लेकर चिंतित हैं।

जगराओं में बढ़ती चोरी की घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस को अपराधों की रोकथाम के लिए अधिक सक्रिय रूप से कार्य करना होगा। स्थानीय लोग चाहते हैं कि पुलिस इन घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। सुरक्षा कैमरे और गश्त के माध्यम से यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती है, तो ऐसे अपराधों को रोकना संभव हो सकता है। हालात को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस मिलकर इस समस्या का समाधान निकालें। चालू मामलों के साथ-साथ, भविष्य में होने वाली घटनाओं की रोकथाम के लिए रणनीतिक पहल करना समय की मांग है।

इस प्रकार, जगराओं में चोरी की समस्याओं का समाधान ढूंढना एक प्राथमिकता बन गई है। अब देखना होगा कि क्या पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस दिशा में प्रभावी कदम उठाते हैं या नहीं। लोगों की सुरक्षा और उनके व्यवसायों की रक्षा करना आवश्यक है, जिससे उन्हें एक सुरक्षित वातावरण में जीने का अवसर मिले।