चंडीगढ़ में बहुमंज़िला इमारत ध्वस्त, लोगों को लगा धमाका; पहले थी मंत्री का होटल!

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चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में सोमवार की सुबह एक मल्टीस्टोरी बिल्डिंग गिरने का हादसा सामने आया। यह इमारत सुबह करीब 7 बजे धराशायी हुई, जिसके कारण किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, यह बिल्डिंग लंबे समय से खाली पड़ी थी और इसमें पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री का होटल संचालित होता था। इमारत के गिरने का आवाज सुनकर स्थानीय लोग दहशत में आ गए, क्योंकि यह ऐसा महसूस हुआ जैसे कोई विस्फोट हुआ हो।

बिल्डिंग का निर्माण 1970 में किया गया था और यह शहर की प्रमुख जगहों में से एक पर स्थित है। लोगों ने बताया कि यह बिल्डिंग पांच मंजिल की थी। इसके आसपास प्रमुख DC ऑफिस और कई प्रसिद्ध शोरूम भी हैं। अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि ठीक 10 दिन पहले बिल्डिंग में दरारें आ गई थीं, जिसके कारण इसे तत्काल खाली करवा लिया गया था। जैसे ही दरारें आईं, स्थानीय प्रशासन ने बिल्डिंग को सील कर दिया था और उसकी जांच के लिए कंस्ट्रक्शन ठेकेदार फरार हो गया था।

दोपहर के समय, चंडीगढ़ के DC निशांत यादव ने मौके का दौरा किया और बताया कि इस बिल्डिंग के साथ लगे 181 और 182 नंबर की बिल्डिंग को भी तत्काल खाली करवाने की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि इन इमारतों का संरचनात्मक ऑडिट किया जाएगा और सुरक्षित होने पर ही इन्हें फिर से खोला जाएगा।

हादसे के समय वहां मौजूद निवासियों ने बताया कि पिछले दो महीनों से इस बिल्डिंग में निर्माण कार्य चल रहा था, जिससे कई दरारें उत्पन्न हुईं। घटना के बाद, पास स्थित इमारत के मालिकों का कहना है कि गत सप्ताह बिल्डिंग को सील किए जाने के बाद निर्माण कार्य पर लापरवाही खत्म हो गई और ठेकेदार भी दौड़ गया। इन दावों के आधार पर, पास स्थित इमारत के मालिकों ने अपनी इमारतों का आकलन कराने के लिए कंस्ट्रक्शन इंजीनियर्स को बुलाया है।

पुलिस अधिकारी रोहित ने कहा कि घटना की सूचना मिलने पर वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और इमारत को असुरक्षित घोषित किया। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक किसी भी ठेकेदार या अन्य व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन जांच जारी है और उस रिपोर्ट के संदर्भ में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

चंडीगढ़, जिसे आजादी के बाद पहली नियोजित शहर के रूप में जाना जाता है, में सेक्टर 1 से 30 तक कई ऐतिहासिक इमारतें हैं। प्रशासन इस क्षेत्र में इमारतों के निर्माण और रिनोवेशन के लिए सख्त नियमों का पालन कराता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मोहाली में भी एक बिल्डिंग गिरने की घटना हुई थी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में भी जांच चल रही है और संबंधित ठेकेदार तथा मालिक को गिरफ्तार किया गया था।