बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि 2 फरवरी काे हाेगी तय
-गाडू घड़े की नृसिंह मंदिर ज्याेर्तिमठ से हुई पूजा-अर्चना
गोपेश्वर, 30 जनवरी (हि.स.)। उत्तराखंड के चार धामों में शामिल श्रीबदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने के कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हो चुकी है। परंपरा अनुसार गुरुवार को बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने तेल कलश गाडू घड़ा श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत प्रतिनिधियों को सौंप दिया है। नृसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद गाडू घड़ा गुरुवार को बदरी पांडुकेश्वर पहुंच गया है। बसंत पंचमी केदिन यानी दो फरवरी को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होगी।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डाॅ. हरीश गौड़ ने बताया कि कार्यक्रम के अनुसार योग बदरी पांडुकेश्वर में पूजा-अर्चना पश्चात 31 जनवरी को पुनः तेल कलश श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ पहुंचेगा। दिन के भोग के बाद गाडू घड़ा श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर पहुंचेगा। रात्रि विश्राम के बाद 1 फरवरी शनिवार शाम को तेल कलश गाडू घड़ा, मंदिर समिति के ऋषिकेश स्थित चंद्रभागा धर्मशाला में पहुंचेगा। इसके बाद 2 फरवरी को ऋषिकेश से प्रस्थान कर समारोहपूर्वक गाडूघड़ा तेल कलश डिमरी पंचायत की ओर से राजमहल नरेंद्र नगर के सुपुर्द किया जायेगा। यहीं नरेंद्र नगर राजदरबार में बसंत पंचमी के दिन 2 फरवरी को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होगी।
गाडू घड़ा तेल कलश डिमरी पंचायत को सौंपने के अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, अवर अभियंता गिरीश रावत, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, राजेंद्र सेमवाल, श्री नृसिंह मंदिर प्रभारी संदीप कपवाण आदि मौजूद थे।