अमृतसर में विस्फोट: सांसद के करीबी के घर BKI का हमला, सीसीटीवी में तीन बाइक सवार कैद!

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पंजाब में आतंकवाद से जुड़ी एक नई घटना में बीते कुछ समय में 10वां धमाका हुआ है। यह हमला अमृतसर के मजीठा विधानसभा क्षेत्र में जैंतीपुर में हुआ है। खासकर इस बार आतंकियों ने किसी रिहायशी क्षेत्र को निशाना बनाया है, जो पिछले कुछ वर्षों में बड़े आतंकवादी हमलों के बाद एक नई स्थिति को दर्शाता है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, आतंकियों ने मोटरसाइकिल पर तीन युवकों के साथ आकर शराब ठेकेदार अमनदीप जैंतीपुरिया को अपने हमले का निशाना बनाया। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर इस हमले की जिम्मेदारी भी ली है।

घटना के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक, तीन युवक एक मोटरसाइकिल पर आए और साथ में हैण्ड ग्रेनेड जैसी विस्फोटक सामग्री लेकर थे। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि एक युवक रात लगभग आठ बजे मोटरसाइकिल से उतरता है और अमनदीप के घर के पास विस्फोटक फेंकता है, जिससे आस-पास चिंगारियां निकलती दिखती हैं। इस घटना के बाद, पूर्व विधायक और अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था इतनी खराब हो चुकी है कि लोग पुलिस से ज्यादा आतंकियों के सामने हाथ मिलने को मजबूर हैं।

आतंकियों ने इस हमले के कुछ ही समय बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर इसे बब्बर खालसा इंटरनेशनल का कार्य बताया। पोस्ट में लिखा गया है कि अमनदीप को पहले चेतावनी दी गई थी कि वे शराबबंदी की दिशा में कदम उठाएं, लेकिन उन्होंने इसे अनसुना कर दिया। इसकी वजह से आतंकियों ने यह हमला करने का निर्णय लिया। यह साफ हो गया है कि इन ठेकेदारों ने धार्मिक स्थलों के पास शराब ठेकों को खोलने के खिलाफ आवाज उठाने वालों को नजरअंदाज किया है, और अब उन्हें समझाने का उनका यह तरीका है।

यदि हम पिछली घटनाओं पर नज़र डालें, तो नवंबर से लेकर अब तक कई आतंकवादी हमले हो चुके हैं। 24 नवंबर को अजनाला थाने के बाहर आरडीएक्स रखा गया था, जो फटा नहीं, जिसके आरोपितों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया। इसके बाद दिसंबर में भी कई स्थानों पर ग्रेनेड विस्फोट की घटनाएं हुईं, जैसे कि मजीठा और बटाला थाने में की गई धमाकों की जिम्मेदारी भी आतंकियों ने ली थी।

इस प्रकार की घटनाएं पंजाब के माहौल को और भी तनावपूर्ण बनाती हैं। जबकि पुलिस इन हमलों को रोकने के लिए काम कर रही है, लेकिन हालात काफी गंभीर हैं, और इससे स्पष्ट होता है कि पंजाब में आतंकवाद का खतरा फिर से बढ़ता जा रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इस स्थिति से कैसे निपटती है और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।