अबोहर में, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के प्रतिनिधियों ने नगर थाना प्रभारी से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। उन्होंने शहर में हो रही बाइक चोरी की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की और इसके समाधान के लिए एक मांग पत्र प्रस्तुत किया। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी ललित सोनी ने इस संबंध में बताया कि उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि शहर में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया जाए। इसके साथ ही, शहर में रोजाना होने वाली बाइक चोरी और मोबाइल छीने जाने की घटनाओं पर भी अपनी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस से इन्हें रोकने की मांग की है।
ललित सोनी ने उल्लेख किया कि उनका संगठन गत 29 दिसंबर को एक कार्यक्रम का आयोजन कर रहा था, जिसका स्थान गोशाला प्रांगण था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया था। दुर्भाग्यवश, कार्यक्रम के दौरान एक कार्यकर्ता की बाइक चोरी हो गई थी। घटना की सीसीटीवी फुटेज भी नगर थाना पुलिस को सौंपी गई थी, बावजूद इसके पुलिस एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद चोर का पता नहीं लगा सकी। इस स्थिति के कारण संगठन में रोष उत्पन्न हो रहा है और कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
सोनी ने बताया कि उन्होंने नगर थाना पुलिस को मांग पत्र देकर स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस को बाइक चोर का पता लगाने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। यदि पुलिस इस अवधि में चोर का पता नहीं कर पाती है, तो वे थाने के बाहर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी देने को बाध्य होंगे। इसी क्रम में संगठन के अन्य पदाधिकारी भी इस मुलाकात में उपस्थित रहे और अपनी चिंता व्यक्त की।
इस आयोजन में उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर की बढ़ती बाइक चोरी और मोबाइल छीने जाने की घटनाओं ने स्थानीय निवासियों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। ऐसी स्थिति को देख कर सभी ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि वे ठोस कदम उठाएं और शहर को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक उपाय करें। उन्होंने पुलिस की विफलताओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि बिना ठोस कार्रवाई के जनता का भरोसा पुलिस पर से उठ जाएगा।
यह मुद्दा अबोहर के नागरिकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण बन चुका है। संगठन के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे शहर की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही को सहन नहीं करेंगे। यह घटना इस बात का भी सबूत है कि शहर में क्या हालात हैं और नागरिकों को किस प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पुलिस प्रशासन की भूमिका और उनकी सक्रियता स्थानीय निवासियों के विश्वास को पुनर्जीवित करने में अहम होगी।