नए साल में होगा सुखबीर बादल का इस्तीफा स्वीकार, सदस्यता अभियान की तैयारियां शुरू!

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अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल का इस्तीफा जनवरी के पहले सप्ताह में स्वीकार किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही पार्टी नए वर्ष में एक सदस्यता अभियान शुरू करने की योजना भी बना रही है। हाल ही में सुखबीर बादल के निवास स्थान पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें अकाली दल की कोर कमेटी, कार्यकारिणी, जिला अध्यक्षों और हलका इंचार्जों ने भाग लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पार्टी के जमीनी हालात तथा मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करना था।

बैठक में कार्यकारिणी ने जमीनी स्तर पर विचार-विमर्श किया और सुखबीर सिंह बादल के इस्तीफे पर निर्णय लिया। सूत्रों की मानें तो सुखबीर बादल ने बैठक के दौरान नेताओं से उनकी राय मांगी, जिसमें उनकी अधिकांश प्रस्तावनाएं स्वीकार की गईं। नेताओं ने सुखबीर का समर्थन करते हुए उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। दरअसल, यह भी ध्यान में रखा गया कि सुखबीर ने पहले ही 2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के तहत इस्तीफा दिया था। कार्यकारिणी को इस इस्तीफे को स्वीकार करने का आदेश दिया गया था, हालांकि, कुछ अकाली नेताओं ने धार्मिक सेवाओं के कारण बैठक के लिए समय मांगा था।

बैठक में सुखबीर बादल के इस्तीफे पर गहन चर्चा के पश्चात, यह निर्णय लिया गया कि नए साल में नए सदस्यों को जोड़ने के लिए एक अभियान चलाया जाएगा। विशेष रूप से ऐसे कार्यकर्ताओं और व्यक्तियों को सदस्य बनाया जाएगा जो पार्टी की नीतियों के प्रति वफादार और जमीनी स्तर पर भरोसेमंद हैं। यह रणनीति उन चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार की गई है, जिनका सामना पार्टी को करन पड़ रहा है।

अकाली दल की कार्यसमिति ने यह तय किया है कि जनवरी के पहले सप्ताह में सुखबीर बादल का इस्तीफा स्वीकारा जाएगा। इसके पीछे श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का पालन करना भी एक महत्वपूर्ण कारण है। यदि इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया, तो यह संदेश जाएगा कि अकाली दल का नेतृत्व श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों का उल्लंघन कर रहा है। इसके अलावा, सुखबीर बादल का अध्यक्ष पद का कार्यकाल 14 दिसंबर को समाप्त हो चुका है, जिससे यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि अगली कार्रवाही शीघ्र की जाए।

इन सभी घटनाक्रमों के बीच, अकाली दल अब सदस्यता बढ़ाने और पार्टी को मजबूत करने के लिए एक नई दिशा में कदम बढ़ाने के लिए तत्पर है। आगामी सदस्यता अभियान न केवल पार्टी को नई ऊर्जा प्रदान करेगा, बल्कि कार्यकर्ताओं के बीच एकजुटता को भी बढ़ाने का कार्य करेगा। कार्यसमिति की योजनाओं के अनुसार, पार्टी आगामी दिनों में अपने संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य करेगी।