श्योपुर: कराहल में भीषण ओलावृष्टि, जमीदोज हो गई सरसों और गेहूं की फसल

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श्योपुर: कराहल में भीषण ओलावृष्टि, जमीदोज हो गई सरसों और गेहूं की फसल

– शनिवार की सुबह 4.30 बजे गिरे ओले

-आधा दर्जन गांवों में अधिक नुकसान की आशंका

श्योपुर, 28 दिसम्बर (हि.स.)। कराहल अंचल में शनिवार की सुबह हुई भीषण ओलावृष्टि ने गेहूं और सरसों की सफलों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। अंचल के आधा दर्जन गांवों में ओलावृष्टि से 60 से 70 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका व्यक्त की जा रही है। पांच मिनट तक बारिश, तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि से कुछ देर के लिये सड़कों पर बर्फ की चादर चढा दी। नगर की सड़के कुछ देर के लिये हिमाचल के शहरों की तरह नजर आने लगी।

शुक्रवार की शाम से हल्की बारिश के साथ शुरू हुआ मौसम बिगडऩे का दौर रात भर चला। शनिवार की अल सुबह 4.30 बजे अचानक तेज हवाऐं चलने लगी और देखते ही देखते मौसम पूरी तरह बिगड़ गया। कुछ ही देर बाद लगभग आंवले के आकर के बडे-बडे ओले गिरे, जिन्होंने किसानों को सिर पकडऩे पर मजबूर कर दिया। जब सुबह किसान अपने खेतों पर पहुंचे तो उनके सामने उनकी बर्बादी का मंजर साफ दिखाई दे रहा था। सरसों की फसल टूटकर गिर चुकी थी और खेतों में खडे गेहूं भी पूरी तरह से जमीदोज हो चुके थे। श्योपुर-शिवपुरी हाइवे एकलव्य आवासीय विद्यालय के पास तेज ओलावृष्टि के कारण सड़क कुछ देर के लिये पूरी तरह से बर्फ से ढक गई, यह दृश्य कुछ देर के लिये हिमाचल की सड़क के रूप में तब्दील हो गई।

इन गांवों में जताई जा रही नुकसान की आशंका: कराहल में शनिवार की सुबह हुई ओलावृष्टि से किसानों की सफलों में 70 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। ओलावृष्टि से कराहल सहित कराहल के मार, चक बिल्हेंडी, और खैरी में ओले गिरने से अधिक नुकसान बताया जा रहा है। उक्त गांवों में सरसों का रकबा अधिक है, सरसों ही सर्वाधिक नुकसान बताया जा रहा है।

पटवारियों से कराया जाएगा ओलावृष्टि का सर्वे: कराहल सहित आस-पास के क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से किसानों की सफलों में भारी नुकसान बताया जा रहा है। कराहल एसडीएम वीएस श्रीवास्तव का कहना है कि नुकसान के सर्वे के लिए पटवारियों को निर्देश दिए हैं, उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान का आंकलन किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार/शरद