फतेहाबाद: छुट्टियों में कोई अध्यापक ड्रॉप आउट बच्चों का सर्वे नहीं करेगा
फतेहाबाद, 28 दिसंबर (हि.स.)। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबंधित सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर अध्यापकों द्वारा शनिवार को खंड शिक्षा अधिकारी भट्टूकलां के कार्यालय पर मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया। धरने की अध्यक्षता खंड प्रधान सतपाल ढाका ने की। धरने के बाद खण्ड शिक्षा अधिकारी बलवान सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। धरने का संचालन कोषाध्यक्ष जयबीर लोयल ने किया। अध्यापकों को संबोधित करते हुए सतपाल ढाका ने कहा कि हरियाणा सरकार व शिक्षा विभाग आए दिन नए-नए कार्य अध्यापकों पर थोप देती है। प्राइमरी स्कूलों में कोई भी सफाई कर्मचारी, माली, क्लर्क की व्यवस्था नहीं है। फिर भी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के लिए शिक्षा विभाग उल्लास के नाम से गांव में अनपढ़ बुजुर्गों के लिए सर्वे का काम, बच्चों की अपार आइडी बनाने के लिए अध्यापकों को लगा देते हैं। शिक्षा विभाग में एनजीओ की भरमार है। कभी सम्पर्क फाऊंडेशन, निपुण हरियाणा, एफएलएन, अनेक प्रकार की ट्रेनिंग, हर सप्ताह कोई न कोई प्रोग्राम जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। किसी भी प्रकार का सर्वे, बीएलओ का कार्य अध्यापकों पर थोप दिया जाता है, जिसका अध्यापक संघ विरोध करता है। राज्य ऑडिटर सुरजीत दुसाद, जिला प्रधान राजपाल मिताथल, जिला सचिव देसराज माचरा, फतेहाबाद ब्लॉक सचिव मुरारी लाल ने कहा कि सरकार अध्यापकों की 2020-2023 की एलटीसी को हड़प लेना चाहती हैं। स्कूलों में हरियाणा कोशल रोजगार निगम के तहत लगे अध्यापकों को 5-5 महीनों से वेतन नहीं दिया जा रहा। सरकार कौशल रोजगार देकर वाहवाही लूट रही है दूसरी तरफ वेतन देने के लिए बजट नहीं है। सरकारी स्कूलों को बदनाम करके स्कूलों का निजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अध्यापक संघ ने बार-बार उच्च अधिकारियों और सरकार को बताया था कि अध्यापकों के प्रशिक्षण अप्रैल से जून तक संपूर्ण हो जाने चाहिएं, लेकिन सरकार प्राइवेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए जब मर्जी प्रशिक्षण शुरू कर देती है। उन्होंने मांग की कि मेडिकल बिल में माता-पिता की आय को न जोड़ा जाए, बच्चों की मासिक व वार्षिक प्रोत्साहन राशि डाली जाए, जेबीटी अध्यापकों के तबादले अप्रैल 2025 के प्रथम सप्ताह में किए जाए। सर्दियों की छुट्टियों में कोई अध्यापक ड्रॉप आउट बच्चों का सर्वे नहीं करेगा।