डॉ. डल्लेवाल के चेकअप के लिए जा रहे डॉक्टरों की कार दुर्घटनाग्रस्त, स्कॉर्पियो ने मारी टक्कर!

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आमरण अनशन पर बैठे जगजीत डल्लेवाल के स्वास्थ्य की जांच करने आई डॉक्टरों की टीम की गाड़ी हादसे का शिकार हो गई। यह घटनाक्रम पटियाला जिले के गांव जौड़ामाजरा के पास बुधवार सुबह हुआ, जब उनकी गाड़ी को एक स्कॉर्पियो ने गलत दिशा से आकर टक्कर मार दी। सौभाग्यवश इस दुर्घटना में सभी लोग सुरक्षित बच गए और उन्हें केवल मामूली चोटें आईं। डॉक्टरों की यह टीम पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल से आई थी। हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें स्कॉर्पियो के चालक की लापरवाही स्पष्ट दिखाई दे रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि स्कॉर्पियो एक बस के पीछे चल रही थी, तब अचानक चालक ने अपनी गाड़ी को गलत दिशा में ले जाकर सामने से आ रही गाड़ियों से टकरा लिया।

जगजीत डल्लेवाल पिछले 30 दिनों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी के लिए आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनकी स्वास्थ्य स्थिति गंभीर है और उनके वजन में भी काफी गिरावट आई है। डल्लेवाल केवल पानी पीकर जीवन यापन कर रहे हैं, जिसके कारण उनकी इम्यूनिटी काफी कमजोर हो गई है। संक्रमण से बचाने के लिए डल्लेवाल को आंदोलन की स्टेज पर शीशे के कमरे में रखा गया है। बीते दिनों अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत औजला ने जाकर उन्हें समर्थन दिया। इसके बाद आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रमुख अमन अरोड़ा भी उनकी सेहत जानने पहुंचे।

इस बीच, डल्लेवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दूसरा पत्र भेजा है जिसमें उन्होंने सांसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट पर आधारित MSP गारंटी कानून निर्माण की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो उन्हें अपनी शहादत की प्रतीक्षा करने को मजबूर होना पड़ेगा। डल्लेवाल ने आमरण अनशन तोड़ने से इंकार कर दिया है, जिससे उनकी स्थिति और गंभीर बना दी है।

इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश की खाप पंचायतें भी डल्लेवाल और उनके आंदोलन के समर्थन में आगे आई हैं। ये पंचायतें 29 दिसंबर को हरियाणा के बास हिसार में होने वाली महापंचायत का हिस्सा बनने जा रही हैं। इससे पहले चंडीगढ़ में हरियाणा की खाप पंचायतों ने डल्लेवाल को समर्थन देने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी।

किसान संगठनों ने 30 दिसंबर को पंजाब बंद का आह्वान किया है, जिसकी रणनीति तैयार करने के लिए खनौरी बॉर्डर पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में व्यापार मंडल, टैक्सी यूनियन, धार्मिक व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि उन्होंने कर्मचारियों को भी इस बंद में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया है।

हालांकि, 30 दिन से चल रहे डल्लेवाल के अनशन के बावजूद, संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने अभी तक इस संघर्ष में अपनी भागीदारी नहीं की है। हाल ही में चंडीगढ़ में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि किसान जनवरी के पहले हफ्ते में राष्ट्रपति या कृषि मंत्री से मिलेंगे। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में भी डल्लेवाल के स्वास्थ्य को लेकर महत्वपूर्ण सुनवाई चल रही है। इस मुद्दे को लेकर 2 जनवरी को एक और सुनवाई तय की गई है, जिसमें पंजाब सरकार को डल्लेवाल के स्वास्थ्य के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ध्यान रखने की बात कही गई।