पंजाब के जालंधर जिले के नकोदर कस्बे में एक महत्त्वपूर्ण घटना सामने आई है, जहां वार्ड नंबर 1 से अकाली दल की टिकट पर पार्षद चुनी गई महिला के पति, अमरजीत सिंह, के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि अमरजीत सिंह ने एक व्यक्ति की संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की। इस मामले की शिकायत जालंधर ग्रामीण पुलिस के नकोदर थाने में की गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और अंततः आरोपित के खिलाफ एफआईआर को दर्ज किया।
इस मामले से जुड़े सुनील कुमार, जो नकोदर के मोहल्ला टंडन में रह रहे हैं, ने बताया कि उनकी कंप्यूटर की दुकान दखनी अड्डा में स्थित है, जहां वह लंबे समय से काम कर रहे हैं। सुनील ने आरोप लगाया कि मोहल्ला शेरपुर निवासी अमरजीत सिंह ने उनकी दुकान पर जोर-जबरदस्ती से कब्जा करने की कोशिश की। सुनील ने दावा किया कि जब वह खाना खाकर लौटे तो उन्हें पता चला कि अमरजीत सिंह ने अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर उनकी दुकान की बाउंड्री तोड़ दी और उस पर कब्जा करने का प्रयास किया।
जब सुनील कुमार ने अमरजीत और उसके साथी को समझाने की कोशिश की, तो उन्हें जान से मारने की धमकी मिली। इस प्रकार, इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना को ठेस पहुंचाई है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि राजनीतिक रंजीशों का आम जनता के जीवन पर किस प्रकार नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। फिलहाल, पुलिस की तरफ से मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है और आरोपी की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई है।
स्थानीय लोगों की चिंता यह है कि इस प्रकार की घटनाएं उनके व्यवसाय और व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डाल सकती हैं। इस संदर्भ में, आम नागरिकों ने प्रशासन से तेज कार्रवाई की मांग की है ताकि ऐसे आपराधिक तत्वों पर अंकुश लगाया जा सके और समाज में भय का माहौल कम किया जा सके। पुलिस का इस मामले में सक्रिय होने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन मिलना जरूरी है, ताकि लोगों का विश्वास कानून व्यवस्था में बना रहे।
इस घटनाक्रम ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए, जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। नागरिकों का यह कहना है कि यदि ऐसे मामलों में शीघ्र और कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे समाज में कानून और व्यवस्था को बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा।