फर्जी बैंक अधिकारी के जाल में फंसी महिला, खाते से 9.30 लाख गायब!

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**होशियारपुर में साइबर ठगी का मामला: बैंक की लापरवाही आई सामने**

हाल ही में होशियारपुर के दसूहा निवासी परमिंदर कौर के साथ एक गंभीर साइबर फ्रॉड की घटना हुई, जिसमें ठगों ने 9.30 लाख रुपए की राशि उनके बैंक खाते से चुरा ली। परमिंदर ने बताया कि उनके पास एक प्राइवेट बैंक में 8 लाख और 40 हजार की दो निश्चित जमा राशि (एफडी) थी, साथ ही उनके खाते में कुछ और पैसे भी जमा थे। हाल ही में उन्हें पता चला कि किसी ने उनके क्रेडिट कार्ड का गलत तरीके से उपयोग किया है, जिससे वह परेशान हो गईं।

इस मामले की जांच के लिए जब वह बैंक गईं, तो एक बैंक कर्मचारी ने उनके मोबाइल फोन की जांच की। परमिंदर ने बीते दिनों बैंक में अपने क्रेडिट कार्ड को बंद करने की अपील की थी, लेकिन इसके बावजूद ठगी का शिकार हो गईं। अगले दिन, उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसमें बताया गया कि कॉल बैंक से आई है। फोन करने वाले ने उनसे एक ओटीपी मांगा, जिसे उन्होंने बिना सोचे-समझे दे दिया।

पीड़िता ने कहा कि ओटीपी देने के बाद उनके सभी पैसे, यानी 9 लाख 30 हजार रुपए निकाल लिए गए। उन्होंने बार-बार बैंक से इस बारे में शिकायत की, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई। आश्चर्य की बात यह है कि क्रेडिट कार्ड बंद करने का अनुरोध करने के बावजूद, वह सक्रिय रहा और ठगी का प्रयोग किया जाता रहा।

परमिंदर ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब उनके साथ इस प्रकार का फ्रॉड हुआ है। पिछले कुछ समय में भी उनके क्रेडिट कार्ड से पैसे चोरी हो चुके हैं, लेकिन बैंक ने कभी भी उनकी आपको गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि वह लगातार बैंक के चक्कर लगाती रहीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनके सारे पैसे निकाल जाने के बावजूद बैंक अधिकारी सिर्फ आश्वासनों तक सीमित रहे, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई।

इस स्थिति ने बैंक की लापरवाही को उजागर किया है और यह साबित करता है कि ग्राहकों की सुरक्षा और व्यक्तिगत जानकारी की सेफ्टी के मामले में बैंक को और अधिक गंभीरता दिखाने की आवश्यकता है। ग्राहकों को साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए बैंकों को अपने कर्मचारियों को उचित ट्रेनिंग देने और सुरक्षित उपायों को बढ़ावा देने की जरूरत है। यदि ऐसी ठगी का शिकार कोई और होता है, तो संभव है कि बैंक की ध्यानहीनता से उन्हें भी इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़े।

इस घटना ने यह संदेश भी दिया है कि ग्राहकों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर तुरंत सतर्क रहना चाहिए और बिना पुष्टि किए कोई भी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। इस प्रकार की ठगी से बचने के लिए सभी को सजग रहने की अपील की जाती है।