जलालाबाद में फाजिल्का-फिरोजपुर मार्ग पर स्थित तीन पेट्रोल पंपों पर अज्ञात लुटेरों ने एक घंटे के भीतर लूट की घटनाओं को अंजाम दिया। यह घटना 23 दिसंबर की रात को हुई, जब तीनों पेट्रोल पंपों पर लुटेरों ने धावा बोला और कर्मचारियों से न केवल नकदी, बल्कि मोबाइल उपकरण भी लूट लिए। लुटेरों ने इस दौरान 42 हजार रुपये की नकदी और सीसीटीवी कैमरे समेत डीवीआर भी चुरा लिए, जिससे उनकी मानसिकता और योजना का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके बाद, जलालाबाद पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने एक प्रेस वार्ता आयोजित करते हुए इस गंभीर अपराध पर प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
इस घटना के संदर्भ में जलालाबाद पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारी, जितेंद्र सिंह और अन्य ने कहा कि ऐसी घटनाएं व्यापारियों के लिए सुरक्षा के प्रति चिंता पैदा करती हैं। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी सुनवाई नहीं होती है, तो वे संघर्ष का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। इस प्रकार की लूटपाट की घटनाएं न केवल व्यापारियों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करती हैं, बल्कि आम जनता में भी भय का माहौल पैदा करती हैं।
पुलिस ने इस मामले में एफआईआर तो दर्ज की है, परंतु एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला है। इस पर जलालाबाद के डीएसपी, जितेंद्र सिंह गिल ने बताया कि पुलिस लुटेरों की तलाश में जुटी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ एक बैठक भी आयोजित की गई है ताकि इस मामले में अधिक जानकारी हासिल की जा सके। पुलिस का उद्देश्य है कि वे जल्दी ही आरोपियों को पकड़ सकें और पीड़ितों को न्याय मिल सके।
ऐसी घटनाएं जहां एक ओर व्यापारियों की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं, वहीं दूसरी ओर समाज में नकारात्मकता बढ़ाती हैं। जलालाबाद पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने उनकी समस्या का समाधान नहीं किया, तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में उनकी गहरी चिंता भी सामने आई है, क्योंकि बिना सुरक्षा के व्यापार करना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है।
अंततः, जलालाबाद की इस लूट की घटना ने एक सवाल खड़ा किया है कि जब पुलिसिंग इतनी मजबूत है, तो फिर ऐसे अपराधियों की गिरफ्तारी में देरी क्यों हो रही है? प्रशासन को चाहिए कि वह जल्द से जल्द इस मामले को गंभीरता से ले और लुटेरों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे, ताकि व्यापारियों और आम जनता में विश्वास बहाल हो सके।