फाजिल्का में स्थित भारत-पाकिस्तान सीमावर्ती क्षेत्र में हाल के दिनों में दो बार ड्रोन की गतिविधियों का सामना किया गया है। सरहद पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर फायरिंग की और ईलू बम का भी उपयोग किया। ये घटनाएं बेहद संवेदनशील हैं, क्योंकि इसके पीछे नशा तस्करी का प्रयास हो सकता है। बीएसएफ के जवानों की सजगता और तत्परता ने संभावित नशा तस्करों के मंसूबों को विफल कर दिया है।
फाजिल्का के बीओपी जीजी बेस पर, जब बीएसएफ जवानों को यह जानकारी मिली कि पाकिस्तान की दिशा से एक ड्रोन आ रहा है, तो उन्होंने तुरंत दो राउंड फायरिंग की और चार ईलू बम छोड़े। इन उपायों के चलते ड्रोन की आवाज तो रुक गई, लेकिन फिर भी सुरक्षा बलों ने एहतियात बरतते हुए पूरे इलाके की सर्चिंग शुरू की। हालांकि, सर्च ऑपरेशन के दौरान उन्हें कोई संदिग्ध सामग्री या ड्रग्स नहीं मिले, जिसके कारण इस बार तस्करों का प्रयास विफल रहा।
इसी प्रकार, फाजिल्का के क्षेत्रीय बीओपी जीजी 3 पर भी एक ऐसी ही घटना हुई। जब पाकिस्तान की ओर से फिर से एक ड्रोन की आवाज सुनाई दी, तो बीएसएफ के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए दो राउंड फायरिंग की और दो ईलू बम भी दागे। एक बार फिर, ड्रोन की आवाज थम गई, लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि खतरा टल गया था। सुरक्षा बलों ने फिर से इलाके की बारीकी से जांच शुरू की, लेकिन इस बार भी उन्हें कुछ नहीं मिला। यह दर्शाता है कि तस्करों द्वारा ड्रोन का उपयोग करके नशे के पदार्थों की तस्करी का प्रयास किया जा रहा है, जिसे बीएसएफ की सक्रियता से thwart किया गया।
ऐसा लगता है कि पाकिस्तानी तस्कर ड्रोन के माध्यम से नई रणनीतियों के तहत तस्करी करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सीमा सुरक्षा बल की सतर्कता और प्रोएक्टिव उपाय उन्हें सफल नहीं होने दे रहे हैं। बीएसएफ के जवानों ने इस चुनौती का सामना करते हुए न केवल सीमा की सुरक्षा की है, बल्कि तस्करों की नापाक योजनाओं को भी नाकाम किया है। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि सरहद पर सुरक्षा एजेंसियां किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।
इन घटनाओं के बाद से सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की चाक-चौबंद व्यवस्था और अधिक मजबूत हो गई है। स्थानीय निवासियों में भी सुरक्षा की भावना बढ़ी है, और वे अपने इलाकों की सुरक्षा के प्रति जागरूक हो रहे हैं। इन सभी घटनाओं के बावजूद, बीएसएफ की तत्परता और दृढ़ता ने साबित कर दिया है कि भारत की सीमाएं सुरक्षित हैं और देश की सुरक्षा को बनाए रखने के लिए बल हमेशा तत्पर है।