फाजिल्का के अबोहर क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां गांव पटी सदीक की निवासी 30 वर्षीय राजविंदर कौर के साथ उसके पति ने गंभीर मारपीट की। बताया जा रहा है कि पति को पत्नी के चरित्र पर संदेह था, जिसके चलते उसने गुस्से में आकर राजविंदर पर लाठी से हमला कर दिया। इस हमले में महिला का सिर फट गया और उसे गंभीर चोटें आईं। जब राजविंदर के बच्चे अपनी मां की रक्षा के लिए आए, तो पति ने बच्चों के साथ भी मारपीट की।
राजविंदर कौर, जो अब अस्पताल में उपचाराधीन हैं, ने बताया कि उनकी शादी लगभग 16 वर्ष पूर्व पूर्ण सिंह से हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं। उसका पति दिन-रात मेहनत करके दिहाड़ी पर काम करता है, लेकिन उसके चरित्र पर लगातार संदेह करता रहता है। हाल ही में, पति ने यह कहते हुए राजविंदर पर हमला किया कि वह उसके पास मोबाइल फोन रख रही थी। इस बुरी स्थिति के बाद राजविंदर के सिर पर आठ टांके लगाए गए हैं और उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
महिला ने जानकारी दी कि उसके साथ पहले भी कई बार घरेलू हिंसा हो चुकी है, लेकिन हर बार उसने जख्मों को छिपा लिया या सहन किया। उसने इस बार शिकायत करने का फैसला किया और खुईयां सरवर पुलिस से मामले की रिपोर्ट दायर की थी। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जिससे उसका ससुराल और पति और अधिक निरंकुशता के साथ व्यवहार करने लगे हैं।
इस घटना से संबंधित पुलिस को सूचना दी गई है और मामले की गंभीरता को देखते हुए उनकी ओर से जांच शुरू की गई है। ऐसे मामलों में न्याय दिलाने के लिए महिला अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता और सख्त कानून की आवश्यकता है। समाज में इस तरह की घटनाओं की बढ़ती संख्या घरेलू हिंसा की गंभीरता को दर्शाती है, जिसमें कई महिलाएं अपने पति के अत्याचार का शिकार होती हैं, लेकिन उचित कानूनी सहायता और सुरक्षाकर्मी की अनुपस्थिति में वे अपने अधिकारों की रक्षा नहीं कर पातीं।
इस दुखद घटना ने केवल राजविंदर के परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे समुदाय को झकझोर दिया है। यह समय है कि जिम्मेदार अधिकारियों और समाज दोनों को इस दिशा में कदम उठाने चाहिए। महिलाओं को सम्मान और सुरक्षाबोध दिलाने के लिए आवश्यक है कि प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सके।