फरीदकोट में हंगामा: किसानों और शिक्षा अधिकारी के बीच जमकर विवाद, दफ्तर पर ताला लगा!

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फरीदकोट में किसान संगठनों द्वारा आयोजित पंजाब बंद के दौरान एक गंभीर विवाद उत्पन्न हो गया, जब किसानों ने दुकानों और सरकारी संस्थानों को जबरन बंद करने का प्रयास किया। इस दौरान किसान जब ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी (BPEO) के दफ्तर पहुंचे, तो वहां ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जगतार सिंह के साथ उनका विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि यह गाली-गलौज तक पहुंच गई। विवाद की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाया और स्थिति को नियंत्रित किया।

किसान नेता शरणजीत सिंह सरां ने आरोप लगाया कि जब वे ब्लॉक शिक्षा दफ्तर को बंद करने के लिए पहुंचे, तो जगतार सिंह ने किसानों के साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया और उन्हें अपशब्द कहे। यह स्थिति देखते-देखते और भी गंभीर हो गई। वहीं, शिक्षा अधिकारी जगतार सिंह ने किसानों पर आरोप लगाया कि वे गुंडागर्दी करते हुए उनके कार्यालय का दरवाजा तोड़ने का प्रयास कर रहे थे और शराब पीकर उनके साथ दुर्व्यवहार कर रहे थे।

यह घटना उस समय हुई जब किसान संगठनों ने पंजाब में सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। किसान संगठनों का यह दावा है कि सरकार कृषि उत्पादों की कीमतों को कम करने और किसानों का शोषण करने के लिए कई नियम बनाए हैं, जिसके खिलाफ वे लगातार आवाज उठा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कई सरकारी दफ्तरों के बाहर जाकर उनका कामकाज ठप करने की कोशिश की।

घटना के बाद स्थानीय अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रदर्शनों से न केवल सरकारी कामकाज प्रभावित होता है, बल्कि समाज में अव्यवस्था भी बढ़ती है। पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए तत्परता दिखाई और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। इसके बावजूद, किसानों की मांगें और उनके अधिकारों के प्रति उनकी कठोरता बनी हुई है।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि संवाद के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। वहीं, किसान संगठनों का तर्क है कि उन्हें अपनी आवाज उठाने के लिए यह कठोर कदम उठाना पड़ रहा है। उन्हें आशंका है कि इस तरह की घटनाएं आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं, अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। इस पूरे मामले ने फरीदकोट में एक नई बहस को जन्म दिया है, जिसमें किसानों के अधिकार, सरकार की नीतियां और समाज में शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर चर्चा की जा रही है।