पंजाब के बठिंडा जिले में एक गंभीर बस दुर्घटना ने कई जानें ले ली हैं। शुक्रवार को एक प्राइवेट बस (संख्या PB 11 DB-6631) जीवन सिंह वाला गांव के समीप नाले में गिर गई। इस हादसे में ड्राइवर बलकार सिंह सहित आठ व्यक्तियों की मौत हो गई, वहीं 24 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बस बठिंडा की ओर जा रही थी और इसमें करीब 50 यात्री सवार थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना उस समय हुई जब बस तेज गति से चल रही थी। अचानक सामने से एक बड़ा ट्राला आ गया, जिससे बचने के चक्कर में बस अनियंत्रित हो गई और नाले में गिर पड़ी। सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी पुलिस और NDRF (राष्ट्रीय आपदा राहत बल) की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य में जुट गईं। बठिंडा के जिला आयुक्त शौकत अहमद पर्रे ने बताया कि सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया है।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के समय बारिश भी हो रही थी, जिससे सड़क पर फिसलन थी। चालक की लापरवाही से यह हादसा हुआ, जिसके कारण उसे अपने वाहन पर नियंत्रण नहीं मिल सका। मृतकों में एक 2 साल की बच्ची और उसकी मां भी शामिल हैं। जबकि एक दिव्यांग व्यक्ति की भी जान चली गई, जो हरियाणा का निवासी था।
कई स्थानीय निवासी और विधायक भी हादसे के बाद अस्पताल पहुंचे और घायलों के बारे में जानकारी प्राप्त की। AAP विधायक जगरूप सिंह गिल ने घटना को दुखद बताया और बताया कि दुर्घटना में मरने वालों की संख्या पांच थी, जबकि तीन और लोगों की अस्पताल में मौत हो गई। उन्होंने चिकित्सा अधिकारी को घायलों की बेहतर देखभाल के निर्देश दिए और कहा कि सरकारी सहायता भी दी जाएगी।
इस दुखद घटना ने न केवल पीड़ित परिवारों को प्रभावित किया है, बल्कि स्थानीय समुदाय में गहरी चिंता उत्पन्न की है। लोगों ने इस दुर्घटना के बाद बसों की सुरक्षा मानकों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं टाली जा सकें। इस बीच, NDRF और सड़क सुरक्षा बल ने मौके पर स्थिति का आकलन किया और सभी बचाव कार्यों को संपन्न किया, जिससे कि पीड़ितों को मदद मिल सके।