संगरूर जेल का दौरा: महिला आयोग की चेयरपर्सन ने कैदियों से संवाद, SDM-SP भी शामिल!

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पंजाब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष राज लाली गिल ने आज संगरूर जिला जेल का दौरा किया। इस दौरे के दौरान उन्होंने पुरुष और महिला कैदियों के लिए किए गए प्रबंधों की समीक्षा की और उनकी समस्याओं पर गहन चर्चा की। राज लाली गिल ने कहा कि इस जेल दौरे का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद महिलाओं के भविष्य को सुधारने की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी हासिल करना है, ताकि आवश्यक सुधार क्रियान्वित किए जा सकें।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जेल में बंद महिलाओं को स्वास्थ्य, भोजन और कानूनी सहायता से जुड़ी समस्याओं का प्रभावी समाधान मिलना अत्यंत आवश्यक है। राज लाली गिल ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को सामाजिक सुधारों को सुनिश्चित करने के लिए गंभीर प्रयास करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) को सामाजिक सुधारों के कार्यान्वयन में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए ताकि समाज के पिछड़े वर्ग की महिलाओं और बच्चों की सहायता की जा सके।

इस दौरान, राज लाली गिल ने यह भी कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम समाज के हर हिस्से तक पहुंच बनाएं, विशेषकर उन वर्गों तक जिन्हें सहायता की सबसे अधिक आवश्यकता है। जेल में कैदियों को दी जाने वाली सेवाओं का स्तर उठाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि प्रशासनिक अधिकारियों को इस दिशा में ठोस और प्रभावी योजनाएं बनानी चाहिए।

इस अवसर पर कई अन्य महत्वपूर्ण अधिकारी भी मौजूद रहे। जिनमें एसडीएम चरणजोत सिंह वालिया, जिला जेल के अधीक्षक नविंदर सिंह, उपनिदेशक सुमनदीप कौर, एसपी पलविंदर सिंह चीमा, डीएसपी सुखदेव सिंह और डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट जसप्रीत सिंह थिंद शामिल थे। इन सभी के साथ मिलकर, राज लाली गिल ने एक टीम के रूप में काम करने का संकल्प लिया ताकि ऐसे कैदियों को बेहतर सुविधाएं और जीवन के अवसर प्रदान किए जा सकें।

इस दौरे को लेकर केवल कैदियों की समस्याओं पर ही ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि उनके पुनर्वास एवं समाज में सही तरीके से एकीकृत करने के लिए किए जाने वाले कार्यों पर भी चर्चा की गई। उनका मानना है कि जेल के भीतर सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए एक कार्यक्रम तैयार किया जाना चाहिए, ताकि कैदी न केवल अपनी सजा पूरा करने के बाद बल्कि उसके पहले भी एक नई दिशा में बढ़ सकें। इस तरह के प्रयास न केवल कैदियों के लिए बल्कि समाज के लिए भी लाभकारी सिद्ध होंगे।