लुधियाना में आज उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का कार्यक्रम मौसम के कारण प्रभावित हो गया है। उप राष्ट्रपति को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेना था। हालांकि, भारी कोहरे की वजह से हलवारा एयरपोर्ट पर उनका विमान नहीं उतर सका, जिसके चलते उनका दौरा रद्द हो गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मान और राज्यपाल कटारिया ने भारतीय कृषि के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की, जहां चार सौ से अधिक कृषि विशेषज्ञ उपस्थित थे।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) में आयोजित इस सम्मेलन की शुरुआत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। उन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में पंजाब को “फूड बॉल” की संज्ञा देते हुए कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा में पंजाब का विशेष योगदान है। उन्होंने बताया कि पंजाब हर साल 180 मीट्रिक टन चावल और 120 मीट्रिक टन गेहूं केंद्र सरकार को भेजता है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाबियों ने हमेशा मेहनत की है और वे यह दिखाते हैं कि किस तरह खेती के माध्यम से अपने देश को समृद्ध बनाते हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती को समझते हुए किसानों को नई तकनीकों को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने उदाहरण दिया कि खेती के लिए पानी का स्तर नीचे चला गया है, फिर भी पंजाब के किसान अपनी मेहनत से फसलें उगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि मेले का आयोजन किसानों के लिए फायदेमंद है, जिससे वे फसलों की देखभाल और कीटनाशकों के उपयोग के बारे में जानकारियाँ प्राप्त कर सकें। मान ने चेताया कि खेतों में पराली जलाने से उत्पन्न प्रदूषण के बारे में किसानों को जागरूक करने की आवश्यकता है।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इस सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा संरक्षण पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन एक गंभीर समस्या है, जिसका समाधान समय रहते करना होगा। कटारिया ने कहा कि उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के आने की योजना थी, लेकिन मौसम की विषमता के कारण उनकी यात्रा रद्द हुई। उन्होंने पंजाब की कृषि संभावनाओं और इसके महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि हमें जलवायु के मुताबिक फसलों के पैटर्न में बदलाव करना चाहिए और ऐसी फसलों की खेती करनी चाहिए, जो कम पानी का उपयोग करती हों।
कार्यकम के अंत में, मुख्यमंत्री मान और राज्यपाल कटारिया ने एकजुटता के साथ एक परामर्श जारी करने का आग्रह किया ताकि चर्चा के निष्कर्षों को जनता तक पहुँचाया जा सके। कटारिया ने कहा कि केवल पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे भारत को जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने किसानों को यह समझाने की आवश्यकता जताई कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।