पंजाब डेंटल कॉलेज में छात्रा से छेड़छाड़, कपड़े फाड़े, छात्रों का जोरदार विरोध प्रदर्शन

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पंजाब के लुधियाना में स्थित शहीद करतार सिंह सराभा डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक छात्रा के साथ घिनौनी हरकत का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि बुधवार शाम को तीन अज्ञात व्यक्तियों ने छात्रा के साथ छेड़छाड़ की और जब उसने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके कपड़े फाड़ दिए और मौके से फरार हो गए। यह सभी लोग इलाज के लिए कॉलेज में आए थे। घटना के बाद छात्रा ने अपने सहपाठियों को इस बारे में बताया, जिससे उनमें आक्रोश फैल गया। गुरुवार सुबह, छात्रों ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने और सुरक्षा के लिए प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर विद्यार्थियों को समझाने की कोशिश की।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्रा को उसके माता-पिता के साथ घर भेज दिया गया है। वह कॉलेज की अंतिम वर्ष की छात्रा है और घटना के समय हॉस्टल की ओर जा रही थी। इसके अनुसार, घटना ऑडिटोरियम के पीछे हुई, जहां तीन लोगों ने उसे घेर लिया। छात्रा ने उनकी हरकतों का विरोध किया, लेकिन मुकाबला करते वक्त उसके कपड़े फट गए। किसी तरह छात्रा वहां से भाग निकली और हॉस्टल पहुंची। उसके अनुसार, वहां मौजूद गार्ड घटना के दौरान 400 मीटर दूर था, जिसने बाद में घटना से इंकार कर दिया।

कुछ छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कॉलेज प्रबंधन मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। छात्रा के माता-पिता को गुमराह जानकारी दी गई और बताया गया कि उनकी बेटी को दौरा पड़ा है। वहीं, कॉलेज की प्रिंसिपल गगनजोत ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है, इसलिए वह टिप्पणी करने से बच रही हैं।

पुलिस उपाधीक्षक वरिंदर सिंह खोसा ने कहा कि उन्हें सुबह मामले की जानकारी मिली। छेड़छाड़ का शिकार छात्रा का बयान दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने छात्रों को समझाते हुए कहा कि किसी प्रकार का हंगामा न करें। घटना वाली जगह के CCTV फुटेज भी जांचे जा रहे हैं और पुलिस को कुछ क्लू भी मिले हैं। प्रोसेस को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मामले का समाधान होगा। अभी कॉलेज में तनाव की स्थिति नहीं है और माहौल सामान्य बना हुआ है।

इस घटना ने कॉलेज के माहौल को प्रभावित किया है, और छात्र सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। सभी की नजरें अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि छात्रों के साथ ऐसा कोई दुर्व्यवहार न हो। इस मामले ने कॉलेज प्रशासन के प्रति भी कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं कि वह छात्रों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाने जा रहा है।