आज पंजाब के लुधियाना में GST विभाग की जालंधर मोबाइल विंग द्वारा एक महत्वपूर्ण छापेमारी की गई। अधिकारियों ने माता रानी चौक और भारत नगर चौक स्थित एक शोरूम और उसके मालिक के घर पर एक साथ कार्रवाई की। यह कार्रवाई टैक्स चोरी के आरोपों के बाद की गई, जिससे यह अंदेशा हुआ कि शोरूम के मालिक बड़े पैमाने पर टैक्स की हेरा-फेरी में शामिल हैं। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने कारोबारियों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की और आरोपित की गतिविधियों का पूरा खाका तैयार किया।
सूत्रों की मानें तो इस छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने शोरूम मालिक के बैंक विवरणों और उसकी प्रॉपर्टी की जानकारियों का भी विश्लेषण किया। कहा जा रहा है कि म्यूजिक कैफे का मालिक विदेशी मोबाइल मंगवाकर बेचता था, लेकिन यह पता नहीं चला है कि ये मोबाइल बिलिंग पर आए थे या नहीं। छापेमारी के समय पत्रकारों ने शोरूम के मालिक से इस कार्रवाई के बारे में सवाल किए, परंतु उन्होंने किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया। GST विभाग ने भी इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
GST विभाग की यह कार्रवाई दोपहर साढ़े तीन बजे तक जारी रही और इसके अंतर्गत विभाग ने पुराने रिकार्ड की जांच शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि वे उन सभी मोबाइल कारोबारियों पर भी निगरानी रख रहे हैं, जो लगातार टैक्स चोरी में संलिप्त पाए जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप इनकम टैक्स की टीम भी सक्रिय हो गई है और ज्ञात हुआ है कि कुछ मोबाइल ने विभाग के कब्जे में ले लिए हैं। यह पूरी छापेमारी और उसके परिणाम टैक्स चोरों के खिलाफ जारी सख्त कार्रवाई का एक हिस्सा है।
पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के महासचिव सुनील मेहरा ने कहा कि गुप्ता म्यूजिक कैफे पर की गई यह रेड व्यापारियों के प्रति सरकार की सख्ती का उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी केवल व्यापारियों को परेशान करने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि वे नियमित रूप से टैक्स का भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि व्यापारियों को ऐसी धक्केशाही से बचाया जाए। इसके अलावा, मेहरा ने बताया कि 17 नवंबर को अमृतसर में पंजाब स्तर की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा।
समग्रता में, यह मामला न केवल लुधियाना के कारोबारियों के लिए बल्कि पूरे पंजाब के व्यापार समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती के रूप में उभरा है। टैक्स चोरी के खिलाफ की जा रही इस सख्त कार्रवाई से व्यापारियों में चिंता उत्पन्न हुई है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति में सुधार होगा।