लुधियाना: नकली इंस्पेक्टर ने मर्चेंट नेवी इंजीनियर से ठगे ₹24 लाख!

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पंजाब के लुधियाना शहर में एक नए ठगी के मामले ने लोगों में चिंता बढ़ा दी है। यहाँ एक मर्चेंट नेवी के इंजीनियर हरबंस सिंह को शातिर ठगों ने डिजिटल तरीके से ठग लिया। हरबंस सिंह से आरोपियों ने 24 लाख 20 हजार रुपए की ठगी की। ठगों ने खुद को तिलक नगर का इंस्पेक्टर बताकर उन्हें यह बताया कि उनके फोन से चाइल्ड पोर्नोग्राफी अपलोड की जा रही है, जिसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने हरबंस को डराने का प्रयास किया। इस मामले की सूचना मिलने के बाद साइबर सेल ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

हरबंस सिंह ने बताया कि उन्हें पहले एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। ठग ने कहा कि उनके आधार कार्ड का गलत उपयोग किया जा रहा है और इसके तहत एक अन्य सिम के माध्यम से चाइल्ड पोर्नोग्राफी का मामला सामने आया है। ठगों ने हरबंस को इस गंभीर मामले को लेकर डराया और कहा कि उन पर 27 मामले दर्ज हैं। एक बनावटी इंस्पेक्टर ने दावा किया कि यह मामला बहुत संगीन है और इसका सामना करने का दबाव डाला। जब हरबंस ने उनकी बातों को सीरियस नहीं लिया, तो ठगों ने उन्हें वीडियो कॉल करने के लिए कहा, जिसमें उन्होंने एक पुलिस स्टेशन का माहौल दिखा दिया।

ठगों ने हरबंस सिंह को आश्वासन दिया कि वे वरिष्ठ नागरिकों को गिरफ्तार नहीं करते, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें अपना सारा धन उनके खाते में ट्रांसफर करना होगा। यह भी कहा कि जैसे ही मामले का समाधान होगा, उनका पैसा वापस कर दिया जाएगा। हरबंस ने उनकी बातों में आकर अपनी सभी जमा पूंजी 24 लाख 20 हजार रुपए ठग के खाते में ट्रांसफर कर दी, जिसके बाद ठगों ने उन्हें फर्जी रसीदें भी भेजी।

हालांकि, हरबंस सिंह ने जब अपने बेटे से इस मामले पर चर्चा की, तो उनके बेटे ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद हरबंस को पता चला कि शहर में ठगी के कई तरीके चलन में हैं। यह घटना न केवल हरबंस के लिए बल्कि अन्य नागरिकों के लिए भी एक चेतावनी है कि उन्हें डिजिटल ठगी के मामलों से सावधान रहना चाहिए। साइबर सेल ने जांच के बाद अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, और उम्मीद है कि जल्दी ही ठगों को पकड़ लिया जाएगा।

यह घटना यह दर्शाती है कि ठग अब तकनीक और मनोवैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करके लोगों को अपने जाल में फँसा रहे हैं। ऐसे में समाज के लोगों को सतर्क रहना आवश्यक है। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच यह बेहद जरूरी है कि लोग ऐसे फोन कॉल या संदेशों से खुद को सुरक्षित रखें और कभी भी किसी अज्ञात व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत जानकारी न दें।