लुधियाना पेट्रोल बम: पुर्तगाल से साबी का संचालन, बुटीक-बोर्ड से मिली लोकेशन!

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लुधियाना में हाल ही में हिंदू नेताओं के घरों के बाहर पेट्रोल बम फेंकने वाले चार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन बदमाशों का एक साथी, जो साधु के वेश में है, फरार है। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। गिरफ्तार किए गए बदमाशों में मनीष नामक व्यक्ति ने बताया कि शिव सेना नेताओं के घरों पर हमले की योजना सितंबर महीने से बनाई जा रही थी। यह पूरी साजिश बब्बर खालसा के संचालक हरजीत सिंह उर्फ लाडी के करीबी जसविंदर सिंह साबी द्वारा पुर्तगाल से चल रही थी। हैरानी की बात यह है कि जसविंदर ने पहले रूस में सात साल बिताए हैं।

पुलिस की जांच पड़ताल में मनीष ने खुलासा किया कि हिंदू नेता हरकीरत खुराना के घर के बाहर हमला करने के लिए साबी ने उसे स्थान और तस्वीरें भेजी थीं। मनीष ने इस जानकारी को रविंदरपाल सिंह उर्फ रवि को दी, जिसके बाद अनिल और मोनू बाबा (लवप्रीत) भी इस योजना में शामिल हुए। 2 नवंबर को लाल रंग की बाइक पर इस वारदात को अंजाम दिया गया। रविंदरपाल बाइक चला रहा था, जबकि मोनू बाबा कंबल में लिपटा हुआ था। अनिल ने अपने चेहरे पर सफेद रुमाल बांधकर खुराना के घर के बाहर पेट्रोल बम फेंका। यह हमला हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए किया गया था। सभी आरोपी नशे के आदी हैं और उन्होंने इन कार्यों में शामिल होने के लिए पैसे के लिए सहमति दी थी।

अधिकारीयों के अनुसार, हमलावर घटना के बाद नवांशहर भाग गए। इनकी योजना थी कि हमले के बाद किसी तरह सुरक्षित निकल जाएं और पुलिस की पकड़ से बच जाएं। लवप्रीत, जो मोनू उर्फ बाबा के नाम से जाना जाता है, की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस को शक है कि वह किसी धार्मिक डेरे में छिपा हुआ है। इसके अलावा, मामला अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के पास भी पहुंचने वाला है, जो इसकी गहराई से जांच करने की तैयारी कर रही है।

पूछताछ में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि बब्बर खालसा इंटरनेशनल ग्रुप ने सोशल मीडिया पर सक्रिय नेताओं को निशाना बनाने का आदेश हरजीत सिंह लाडी के द्वारा दिया था। इसकी वजह से यह बदमाश आगे बढ़कर वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस ने इस मामले के संदर्भ में 70 सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान की थी। मॉडल टाउन में गुरकीरत खुराना के घर पर हमले के बाद पुलिस द्वारा बाइक का नंबर निकाला गया और फिर आरोपियों तक पहुंचा गया। पुलिस ने रविंदरपाल और अनिल को पहले गिरफ्तार किया, और फिर बाकी के दो आरोपियों मनीष और जसविंदर को पकड़ लिया।

प्रारंभिक जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि इन अभियुक्तों को वारदात को अंजाम देने के लिए मात्र 5 से 7 हजार रुपए ही मिलते थे, और उन्हें सिर्फ यह बताया जाता था कि बम को कब और कहाँ फेंकना है। यह मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है, क्योंकि यह दिखाता है कि कैसे कुछ लोग दूसरों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए ऐसी योजनाओं को अंजाम देते हैं। पुलिस की कार्रवाई जारी है और फरार आरोपी लवप्रीत को पकड़ने के लिए विशेष कोशिशें की जा रही हैं।