लुधियाना: हिन्दू नेताओं पर FIR से भड़के टंडन, DCP से मिले, शहर बंद की चेतावनी!

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पंजाब के लुधियाना में हाल ही में हेट स्पीच के मामले को लेकर विवाद बढ़ गया है। पुलिस ने चार व्यक्तियों पर मामला दर्ज किया है, जो विभिन्न हिंदू संगठनों से जुड़े हुए हैं। इन आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद शिवसेना पंजाब के राष्ट्रीय चेयरमैन राजीव टंडन और अन्य संगठन के नेताओं ने डिप्टी पुलिस कमिश्नर शुभम अग्रवाल से मुलाकात की। लगभग एक घंटे तक चली इस बैठक में DCP अग्रवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि हेट स्पीच देने वाले चाहे किसी भी धर्म से क्यों न हों, पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। उन्होंने इस बात का यकीन दिलाया कि शहर का माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा।

राजीव टंडन ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि हिंदू नेताओं पर हेट स्पीच का मामला दर्ज करना गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कट्टरवादी खालिस्तानी हेट स्पीच देते हैं तो उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। टंडन का कहना है कि वर्तमान में खालिस्तानियों को खुश करने की कोशिश की जा रही है और हिंदुओं को दबाने का प्रयास हो रहा है। उनका यह भी कहना था कि जिन चार नेताओं पर मामला दर्ज किया गया है, उन्होंने सोशल मीडिया पर ऐसा कोई कंटेंट साझा नहीं किया है जिससे उन पर कार्रवाई की जा सके।

इस मुद्दे को लेकर टंडन ने और भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में लुधियाना में शिवसेना के नेता के खिलाफ हमले के बाद, खालिस्तानी समर्थकों द्वारा जो गीत गाया गया था, उसके प्रति पुलिस की चुप्पी संदिग्ध है। उनकी यह चिंता भी थी कि जिन चार सीटों पर उप-चुनाव हो रहे हैं, वहाँ हिंदू नेताओं पर FIR दर्ज करके खालिस्तानियों के वोट बैंक को साधने की कोशिश की जा रही है।

वहीं, हिंदू नेता अमित अरोड़ा ने भी अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को दबाया नहीं जा सकता और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले को रद्द किया जाएगा। अरोड़ा ने सवाल उठाया कि क्या हिंदू अपनी आवाज नहीं उठा सकता, और यह भी कि हमेशा हिंदू समुदाय को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है।

इस विवाद ने लुधियाना के हिंदू संगठनों में चिंता और असंतोष पैदा कर दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाएगा और क्या उन चारों नेताओं की FIR रद्द की जाएगी या नहीं। यदि ऐसा नहीं होता है तो आने वाले समय में लुधियाना के सभी हिंदू संगठन बंद का आयोजन कर सकते हैं। इस प्रकार, लुधियाना का यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और समग्र समाज में तनाव पैदा कर रहा है।