फाजिल्का में करंट से इकलौते बेटे की मौत, HT लाइन की मरम्मत में हादसा!

Share

फाजिल्का जिले के पेंचावाली गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जिसमें बिजली विभाग के एक कर्मचारी की करंट लगने से मृत्यु हो गई। जानकारी के अनुसार, एक अनजान वाहन की टक्कर से बिजली का खंभा टूट गया था, जिससे गांव की बिजली बंद हो गई। इसके बाद बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और खंभे की मरम्मत के लिए काम शुरू किया। हालाँकि, मरम्मत के दौरान जब वे नए खंभे पर बिजली की तारे डालने का कार्य कर रहे थे, तभी छिन्दा सिंह नामक युवक को अचानक हाई वोल्टेज तारों से करंट लग गया, जिससे वह नीचे गिर गया।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि छिन्दा सिंह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, और हाल ही में उसके घर में तीन साल बाद एक बच्चे का जन्म हुआ था। परिवार इस हादसे से अत्यंत दुखी है और उनका कहना है कि इस अप्रत्याशित घटना ने उनके जीवन में अंधेरा छा दिया है। परिवार के सदस्य मिठू लाल और लवप्रीत सिंह ने मांग की है कि मामले की गहन जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि मरम्मत के दौरान करंट कैसे लगा।

परिवार के सदस्यों की चिंता यह है कि वे अपने प्रियजन को खो चुके हैं और अब उन्हें यह समझने की आवश्यकता है कि इस प्रकार की घटनाएं आगे किस प्रकार से रोकी जा सकती हैं। दुर्घटना के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कैसे किया गया, इस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। छिन्दा सिंह का आकस्मिक निधन केवल एक व्यक्तिगत नुकसान नहीं है, बल्कि यह पूरे गांव के लिए एक चेतावनी बन गया है कि बिजली विभाग को अपनी सुरक्षा प्रक्रियाओं पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

स्थानीय निवासियों ने भी बिजली विभाग के प्रति नाराजगी व्यक्त की है और मांग की है कि विभाग को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्परता दिखानी चाहिए। बिजली के काम में लगे कर्मियों की सुरक्षा हेतु उचित उपाय किए जाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं न हों। परिजनों और गांववासियों ने आशा की है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और आवश्यक कार्रवाई करेगा ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस मामले को लेकर आवाज उठाई है और सरकार से मांग की है कि बिजली विभाग की सुरक्षा प्रणाली की समीक्षा की जाए। छिन्दा सिंह की मृत्यु एक दुःखद घटना है, जो न केवल उसके परिवार को प्रभावित करती है, बल्कि यह समाज में एक बड़ी समस्या को उजागर करती है, जिससे बिजली विभाग की अक्षमताओं और सुरक्षा खामियों पर रोशनी डाली जा सके।