सरकारी मेडिकल कॉलेज, पटियाला की फिजियोलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. गगनीन कौर संधू को हाल ही में एक महत्वपूर्ण सम्मान मिला है। उन्हें इंडोनेशियाई सोसायटी ऑफ स्लीप मेडिसिन (INA SLEEP) की चौथी राष्ट्रीय कांग्रेस में “सर्वश्रेष्ठ पेपर पुरस्कार” से नवाजा गया। यह कांग्रेस 22 से 24 नवंबर 2024 तक इंडोनेशिया के मानाडो शहर में आयोजित की गई। डॉ. संधू के शोध पत्र का शीर्षक था “ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA), जोखिम कारकों का व्यापक अध्ययन: घातक सड़क दुर्घटनाओं के संपर्क में आने वाले ड्राइवर,” जिसे इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया।
इस अध्ययन में डॉ. संधू ने नींद संबंधी विकारों को सड़क दुर्घटनाओं के संदर्भ में गहराई से समझने का प्रयास किया है। उनके शोध ने यह महत्व दर्शाया है कि कैसे नींद से जुड़ी समस्याएँ विशेष रूप से व्यावसायिक ड्राइवरों में सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। डॉ. संधू ने इस फ्रेमवर्क के जरिए यह स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए पेशेवर ड्राइवरों की नींद संबंधी विकारों की स्क्रीनिंग आवश्यक है। यह अध्ययन न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित करता है।
डॉ. संधू ने इस पुरस्कार के लिए अपने मार्गदर्शकों और सरकारी मेडिकल कॉलेज, पटियाला का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह सम्मान मेरे लिए एक प्रेरणा का स्रोत है, जो मुझे सामाजिक सुरक्षा और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले गंभीर विषयों की ओर और अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करता है।” उनके इस दृष्टिकोण से स्पष्ट होता है कि वे अपने शोध को केवल अकादमिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि समाज में इसके उपयोग को भी महत्व देती हैं।
यह उपलब्धि न केवल डॉ. गगनीन कौर संधू के लिए, बल्कि पूरे सरकारी मेडिकल कॉलेज, पटियाला और पंजाब के चिकित्सा क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारतीय चिकित्सा क्षेत्र में गहन शोध और अध्ययन की उच्चतम मानक बनाए रखे जा सकते हैं। ऐसे सम्मान न केवल व्यक्तिगत उज्ज्वलता का प्रतीक होते हैं, बल्कि वे संस्थान और देश की योग्यताओं का भी प्रतिनिधित्व करते हैं।
इस पुरस्कार ने डॉ. संधू को और अधिक प्रोत्साहित किया है कि वे भविष्य में भी ऐसे अनुसंधान कार्य करती रहेंगी, जो समाज की भलाई के लिए योगदान दें। इस प्रकार की पहलों से यह स्पष्ट होता है कि चिकित्सा क्षेत्र में शोध और विकास का करियर केवल चिकित्सीय निर्णयों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम जन की सुरक्षा और कल्याण के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।