पंचकूला: डिजिटल जालसाजी से महिला को ठगा, 16 लाख लूटे, झूठे केस की धमकी देकर कतरा!

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पंचकूला के एमडीसी सेक्टर-6 में एक दिल दहला देने वाली घटना में, 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला रोमा भल्ला को साइबर ठगों ने 16 लाख रुपये की ठगी का शिकार बना दिया है। महिला को विदेश से आए अज्ञात नंबरों से कॉल कर भयावह जानकारियाँ दी गईं। ठगों ने खुद को अंतरराष्ट्रीय एजेंसी का अधिकारी बताकर कहा कि उनके खिलाफ ईरान में ड्रग्स और फर्जी पासपोर्ट भेजने के आरोप लगे हैं। इस तरह के झूठे आरोपों से डरी हुई रोमा ने सोचा कि अगर वह कुछ नहीं करेंगी, तो कानूनी समस्याओं में फंस जाएँगी।

इसके बाद, एक व्यक्ति ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर रोमा से संपर्क किया। उसने महिला को बताया कि उनके बैंक खाते से संदिग्ध लेन-देन हुए हैं और वह “डिजिटल गिरफ्तारी” में हैं, जिसके कारण उन्हें अपने घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा। उसने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग के फर्जी मामले की जांच के लिए उन्हें अपने खाते से रकम ट्रांसफर करनी होगी, जो कि बाद में वापस लौटा दी जाएगी। इस तरह की भ्रामक जानकारी से महिला को यह यकीन दिला दिया गया कि यह एक आधिकारिक प्रक्रिया है और इसलिए उन्होंने डर और दबाव में आकर 16 लाख रुपये ठगों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए।

महिला को लगातार व्हाट्सऐप और टेलीग्राम के माध्यम से धमकी दी जा रही थी। ठगों का एक सदस्य डीसीपी के रूप में भी महिलाओं से बातचीत कर उन्हें और भी ज्यादा डराने का प्रयास कर रहा था। इस प्रकार के दबाव में आकर रोमा ने पैसे ट्रांसफर कर दिए। ठगी के बाद, ठगों ने सभी कॉल और चैट रिकॉर्ड्स को मिटा दिया, जिससे उन्हें अपनी बेवकूफी का एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

हरियाणा पुलिस की ओर से बताया गया है कि साइबर ठगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग इन ठगी के मामलों में फंस रहे हैं। पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात नंबर से आने वाली कॉल या मैसेज को गंभीरता से लें और उनकी सच्चाई की पुष्टि करें। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि साइबर अपराध कितना बढ़ रहा है और लोगों को अपने पैसे और कोई भी संवेदनशील जानकारी के मामले में सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

इस प्रकार की ठगी का मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, और इससे बचने के लिए जागरूकता फैलाना अत्यंत जरूरी है। पुलिस ने सुझाव दिया है कि यदि ऐसे संदिग्ध कॉल आएं, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाए ताकि किसी और व्यक्ति को इन ठगों का शिकार न बनने दिया जा सके। इस प्रकार के साइबर अपराधों के प्रति सजग रहना समाज के प्रत्येक सदस्य की जिम्मेदारी है।