मोहाली में प्लॉट के नाम पर ठगी: एडवांस लेकर ऑफिस और फोन हुए गायब!

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पंजाब के मोहाली जिले से एक नई ठगी की वारदात सामने आई है, जहां एक व्यक्ति को प्लॉट दिलाने का झांसा देकर उससे एक लाख रुपये ठग लिए गए। इस मामले में खरड़ सदर पुलिस ने महिला समेत दो आरोपियों के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज किया है। घटना का केंद्र बिंदु लुधियाना निवासी गुरमीत सिंह है, जिन्होंने प्लॉट खरीदने की इच्छा से मोहाली के जंडपुर इलाके में स्थित एक रियल स्टेट कंपनी के दफ्तर का रुख किया था। वहां उसकी मुलाकात नेहा कौर और उसके सहयोगी विशाल बेनीपाल से हुई, जिन्होंने उसे ड्रीम सिटी में 100 गज का प्लॉट दिखाया और डील को 30 लाख रुपये में तय किया।

गुरमीत सिंह ने 8 जनवरी को प्लॉट को पसंद करते हुए विशाल को गूगल पे के माध्यम से 10,000 रुपये तथा नकद 20,000 रुपये का भुगतान किया। इसके बाद 10 जनवरी को उसने नेहा शर्मा को पेटीएम द्वारा 38,000 रुपये ट्रांसफर किए और साथ ही 32,000 रुपये नकद दिए। इस तरह कुल मिलाकर उसने एक लाख रुपये की अग्रिम राशि का भुगतान कर दिया। दोनों पक्ष के बीच यह तय हुआ कि प्लॉट का एग्रीमेंट 20 मार्च को किया जाएगा। लेकिन इसके बाद विशाल ने गुरमीत से अतिरिक्त 50,000 रुपये की मांग की और यह दावा किया कि वह एग्रीमेंट में तीन लाख रुपये की छूट दिलवा सकता है।

19 मार्च को जब गुरमीत ने विशाल से संपर्क करने की कोशिश की, तो वह फोन उठाने के बाद भी नहीं मिला। बार-बार प्रयास करने पर भी जब उसे उत्तर नहीं मिला, तो गुरमीत को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने कंपनी के दफ्तर का दौरा किया, जहां उसे दफ्तर बंद मिला और विशाल का फोन स्विच ऑफ था। इस प्रकार के व्यवहार ने उसे पूरी क्रिया में धोखाधड़ी का संदेह उत्पन्न किया। इसके मद्देनजर, गुरमीत सिंह ने एसएसपी मोहाली से शिकायत की।

शिकायत के आधार पर एसएसपी मोहाली ने इस मामले की जांच का आदेश दिया। पुलिस उपायुक्त के ईओ विंग ने जांच की और ठगी का मामला दर्ज किया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि नेहा कौर और विशाल बेनीपाल ने मिलकर गुरमीत सिंह के साथ ठगी की योजना तैयार की थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं, और यह संभावना भी है कि आरोपी पहले भी अन्य ठगी की घटनाओं में शामिल रहे हों।

अभी पुलिस दोनों आरोपियों की खोज में है और उनकी गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस प्रकार की घटनाएं दर्शाती हैं कि आम जनता को रियल स्टेट के लेनदेन में सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर जब भी किसी प्रकार के वित्तीय अनुबंध किए जा रहे हों। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी पहचान की पुष्टि किए बिना किसी भी वित्तीय लेन-देन में शामिल न हों, ताकि किसी भी प्रकार की ठगी से बचा जा सके।