मोहाली में 83 वर्षीय व्यक्ति निरवैर सिंह को साइबर ठगों द्वारा एक बड़ा झटका लगा है। ठगों ने उन्हें 85 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर उनके जीवनभर की मेहनत की कमाई हथिया ली। आरोपियों ने खुद को कस्टम विभाग और सीबीआई के अधिकारी बताते हुए निरवैर को डराया-धमकाया, यह कहकर कि उनके नाम पर एक संदिग्ध पार्सल मिला है। निरवैर सिंह ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उन्हें एक फोन कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को मुंबई एयरपोर्ट के कस्टम डिपार्टमेंट का अधिकारी बताया। उन्होंने निरवैर को बताया कि उनके नाम पर ऐसे पासपोर्ट और अवैध दस्तावेज मिल गए हैं, जो कि उनके लिए गंभीर समस्या खड़ी कर सकते हैं।
जब निरवैर सिंह ने स्पष्ट किया कि उनका मुंबई से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने कोई पार्सल भेजा नहीं है, तो ठग ने उन्हें डराने की कोशिश की। वह बोलता रहा कि संदिग्ध पार्सल पर उनका आधार नंबर लिखा है, जिससे निरवैर अधिक भयभीत हो गए। इसके बाद, आरोपियों ने निरवैर को दूसरे ठग सुनील कुमार पर ट्रांसफर कर दिया, जिसने खुद को सीबीआई का वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए वीडियो कॉल किया। सुनील ने निरवैर को कहा कि यह अत्यंत गंभीर अपराध है और यदि उन्होंने अपने परिवार को इस मामले के बारे में बताया तो उन्हें सात साल की सजा हो सकती है।
इस सबके बाद, ठगों ने निरवैर को वॉट्सऐप पर यह बताया कि उनकी सम्पत्तियों को जब्त किया जा रहा है। उनके डर को और बढ़ाते हुए, ठगों ने उनपर बैंक खाते की जांच कराने का दबाव बनाया और कहा कि उन्हें पैसे ट्रांसफर करने होंगे ताकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) इस मामले की जांच कर सके। निरवैर ने यकीन करके ठगों द्वारा दिए गए बैंक खाते में 85 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। पैसे ट्रांसफर करने के बाद जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ, तब उन्होंने मोहाली साइबर क्राइम में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने निरवैर सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। उनके इस अनुभव से यह स्पष्ट होता है कि इस समय साइबर ठगी के मामलों में तेजी आई है, और बुजुर्गों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि ऐसे मामलों में ठगों के खिलाफ तुरंत शिकायत करें और किसी भी प्रकार की धनराशि ट्रांसफर करने से पहले पूरी तरह से सुनिश्चित करें। इस घटना ने यह भी साबित कर दिया है कि तकनीक का गलत इस्तेमाल किस तरह से लोगों को नुकसान पहुँचा सकता है। पुलिस अब थकी हुई परिश्रम कर रही है ताकि इन ठगों को पकड़ सकें और निरवैर सिंह को न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक रूप से भी संतोष देने में मदद कर सकें।