पंजाब के मोहाली में, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट विराज श्यामकरन तिडके द्वारा अचीवर कंसल्टेंट फर्म का लाइसेंस नाबालिग नियमों के उल्लंघन के कारण रद्द कर दिया गया है। यह कार्यवाही पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल रेगुलेशन एक्ट-2012 के अंतर्गत की गई है। आरोप है कि फर्म ने अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने की प्रक्रिया भी नहीं की है, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई। जानकारी यह भी मिली है कि मोहाली के फेज-11 में स्थित यह फर्म अपने लाइसेंस की वैधता की तारीख 26 अगस्त 2024 तक रखेगी, लेकिन नवीनीकरण न कर पाने के चलते उनकी गतिविधियों पर जांच की गई।
जब इस मामले की जांच शुरू की गई, तो फर्म के मालिक तुलसी देवी और प्रीति सोरोरी अपने पते पर प्राप्त नहीं हुईं। उनके लिए भेजा गया आधिकारिक पत्र भी लौटा दिया गया, जिससे उनकी पते की सच्चाई पर संदेह उत्पन्न हुआ। तहसीलदार द्वारा प्रस्तुत विस्तृत रिपोर्ट में कहा गया है कि फर्म ने निर्धारित मासिक रिपोर्ट और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी समय पर जमा नहीं किए। इसके अतिरिक्त, जब उन्हें नोटिस भेजा गया, तब भी उनका कोई जवाब नहीं आया।
एक्स्ट्रा जिला मजिस्ट्रेट ने इस मामले में स्पष्ट किया कि बार-बार दी गई चेतावनियों और नियमों का उल्लंघन करने के कारण इस फर्म का लाइसेंस रद्द करने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने बताया कि यदि भविष्य में इस कंपनी या उसके निदेशकों के खिलाफ कोई शिकायत आती है, तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी उठानी होगी। इससे यह संकेत मिलता है कि अधिकारियों ने आने वाले समय में इस प्रकार के मामलों के प्रति सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।
समुदाय के लिए यह घटना संज्ञान में रखे जाने योग्य है, क्योंकि यह दर्शाता है कि प्रशासन नियमों के अनुपालन को कितनी गंभीरता से लेता है। लाइसेंस रद्द करने की यह कार्रवाई एक सख्त संदेश देती है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को कोई खतरे की गुंजाइश नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, ऐसी कार्रवाइयाँ निश्चित रूप से व्यावसायिक संस्थाओं में उत्तरदायित्व और पारदर्शिता को बढ़ावा देंगी, जो अंततः उपभोक्ताओं और ग्राहकों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी।
आने वाले दिनों में, सभी फर्मों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे सभी आवश्यक नियमों का पालन करते हुए अपने व्यवसाय को संचालित करें। इससे न केवल उन्हें कानूनी खतरे से बचने का अवसर मिलेगा बल्कि वे अच्छे से अपना व्यवसाय भी कर सकेंगे। ऐसे मामलों में यदि सख्त नीतियों का पालन नहीं किया गया, तो समाज में अनुशासन की कमी पुख्ता होगी, जो किसी भी व्यवसाय के लिए अच्छा नहीं होता।