मोगा नशा मुक्ति केंद्र में युवक की संदिग्ध मौत, बहन ने लगाए आरोप

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मोगा के गागड़ा चीमा रोड पर स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में एक 27 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। मृतक का नाम धरमजीत सिंह है, जो जगराओं का निवासी था। उसके परिवार ने बताया कि वह लंबे समय से नशे का आदी था और इसकी वजह से घर में तनाव बना रहता था। धरमजीत की बहन जसप्रीत कौर ने कहा कि उन्हें बार-बार पुलिस से मदद लेनी पड़ी थी, जिसके बाद उन्होंने 15 दिन पहले अपने भाई को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया। शुक्रवार रात को उसकी मौत हो गई, और परिवार का आरोप है कि उसे वहां पर बेरहमी से पीटा गया था।

जसप्रीत कौर ने यह भी बताया कि उसके भाई के शरीर पर कई चोटों के गहरे निशान थे, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि उसकी जान लेने के लिए जानबूझकर मारपीट की गई थी। मृतक के कुछ अन्य साथी जो नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती हैं, उन्होंने भी परिवार को बताया कि धरमजीत के साथ हिंसा की गई थी। उनका कहना है कि यह एक गंभीर मामला है और अवसर पर न्याय की बहुत आवश्यकता है। परिवार ने नामालूम हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।

इस मामले की जानकारी मिलने के बाद, डीएसपी धर्मकोट रमनदीप सिंह ने कहा कि हमें घटना के बारे में सूचना मिली थी और हम तुरंत स्थान पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि हमने शव को कब्जे में ले लिया है और परिवार के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। डीएसपी ने यह भी आश्वासन दिया कि मामले की गहन जांच की जाएगी और सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर उचित कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली और उनके संचालन को लेकर सवाल उठाए हैं। अवैध रूप से चल रहे इन केंद्रों में न केवल नशेड़ी युवाओं की जान जोखिम में पड़ती है, बल्कि इनके ज्ञान और व्यवहार में भी कमी देखने को मिलती है। ऐसे में, सरकार से अपील की जा रही है कि इन नशा मुक्ति केंद्रों की सख्त जांच और विधि अनुसार नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी और की जान को खतरे में न डाला जाए।

परिवार ने न्याय की गुहार लगाते हुए यह भी कहा कि अन्य पीड़ितों को भी इस तरह की हिंसा का सामना न करना पड़े। वे चाहते हैं कि इस मामले में सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। मामले की छानबीन चल रही है और उम्मीद है कि समय पर उचित न्याय मिलेगा।