मौलाना शहाबुद्दीन बुर्के मामले में अखिलेश यादव का समर्थन करते हुए सामने आए
मौलाना शहाबुद्दीन बुर्के मामले में अखिलेश यादव का समर्थन करते हुए सामने आए
बरेली, 20 नवंबर (हि.स.) । उत्तर प्रदेश में बढ़ती राजनीति और धार्मिक संवेदनाओं के बीच, बरेली के ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बुर्का मामले में समर्थन किया है। यह समर्थन अखिलेश यादव के उस बयान के संदर्भ में आया है, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग से अनुरोध किया था कि मतदान के दौरान मुस्लिम महिलाओं के बुर्के को उठाकर न देखा जाए।
मौलाना शहाबुद्दीन ने अखिलेश यादव के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि बुर्का इस्लाम में महिलाओं की इज्जत और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह हिंदू धर्म में महिलाएं घूंघट पहनकर चलती हैं, उसी तरह इस्लाम में महिलाएं बुर्का पहनती हैं। मौलाना ने जोर देते हुए कहा कि अगर मतदान के दौरान किसी महिला का बुर्का उठाकर देखा जाता है तो यह न केवल गलत है, बल्कि यह महिलाओं की निजता और सम्मान का उल्लंघन भी है।
मौलाना ने इस मसले पर अपनी बात रखते हुए कहा कि यदि चुनाव के दौरान सुरक्षा संबंधी कोई कदम उठाना है, तो इस प्रक्रिया में एक महिला कर्मचारी की मौजूदगी अनिवार्य होनी चाहिए, जो सुरक्षा जांच कर सके। उन्होंने सुरक्षा के नाम पर पुरुष कर्मचारियों द्वारा बुर्का उठाने की प्रक्रिया की कड़ी निंदा की और इसे महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन बताया।
“बुर्का इस्लाम में महिलाओं की इज्जत है, जैसे हिंदू महिलाएं घूंघट करती हैं, वैसे ही मुस्लिम महिलाएं बुर्का पहनती हैं। यह सही नहीं है कि किसी पुरुष कर्मचारी द्वारा बुर्का उठाकर देखा जाए। अगर यह व्यवस्था लागू करनी है, तो महिला कर्मचारी होनी चाहिए जो चेक कर सके।– मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी, अध्यक्ष, आल इंडिया मुस्लिम जमात।