लुधियाना में क्रेटा की मांग पर अटकी बारात, शादी की खुशियां फीकी पड़ी!

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लुधियाना में एक शादी के दिन हुए एक गंभीर दहेज प्रथा के मामले ने सभी को हैरान कर दिया। जब बारात आने वाला था, तभी लड़के वालों ने शादी से ठीक पहले क्रेटा कार और 25 लाख रुपये नकद की मांग की। जब इस डिमांड को पूरा नहीं किया गया, तो लड़के वाले बारात लेकर नहीं आए। यह घटना बुधवार को लुधियाना के कासा ला मैरिज पैलेस में हुई, जहां शादी के लिए 500 से अधिक बाराती पहले ही पहुंच चुके थे। लड़के वालों के न आने की वजह से सभी वापस लौट गए, जिससे लड़की के परिवार में चिंता और दुख का माहौल बन गया। इस गंभीर मामले को लेकर लड़की के परिवार ने थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई, और पुलिस ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

लड़की के पिता गोपाल चंद ने बताया कि उनकी बेटी की शादी मोरिंडा के चितरेश के साथ तय हुई थी। शादी के दिन जब बारात नहीं आई, तो उन्होंने बिचौले के माध्यम से लड़के वालों से बात की। बताया गया कि बारात तभी आएगी जब उन्हें एक नई क्रेटा कार और 25 लाख रुपये नकद मिलेंगे। गोपाल चंद ने साफ किया कि उनके पास इतनी बड़ी डिमांड को पूरा करने के लिए न तो पैसे थे और न ही कार। उन्होंने लड़के वालों की मिन्नतें कीं, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी, जिसके चलते शादी का समारोह बिना दूल्हे के ही रह गया।

गोपाल चंद ने यह भी कहा कि उनके परिवार ने एक दिन पहले ही मोरिंडा में शगुन किया था, जहां उन्होंने लड़के को एक लाख रुपये शगुन के रूप में दिए थे। इसके अलावा, परिवार के सदस्यों को सोने की अंगूठी और चेन भी दी गई थी। दहेज की इस मांग ने न केवल लड़की की खुशियों को छीन लिया बल्कि उसके माता-पिता को भी मानसिक रूप से बहुत परेशान किया। लड़की की मां थाने के बाहर बिलखती हुई कह रही थीं कि उन्हें अपनी बेटी की शादी नहीं हो सकी, और वह अपनी बेटी के लिए इंसाफ की मांग कर रही थीं।

बेटी के हाथ में चूड़ा है और वह बेसुध पड़ी है, यह देखकर माता-पिता की हालत बहुत खराब है। पिता ने कहा कि वे लड़के वालों को हर हाल में सजा दिलवाएंगे और दहेज के इस लालच के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि शादी की तैयारी में उन्होंने लगभग 30 लाख रुपये खर्च कर चुके हैं, और अब उन्हें इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

पुलिस ने लड़की के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। यह मामला दहेज प्रथा के विरुद्ध एक और उदाहरण है, जिसमें मानसिक और आर्थिक रूप से लोगों को प्रभावित किया जा रहा है। समाज में दहेज की प्रथा के खिलाफ जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है ताकि ऐसी घटनाएं भविष्य में नहीं हों। सभी को मिलकर इस कुप्रथा के खिलाफ आवाज उठानी होगी और सुधार के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।