IPS अश्विनी गोत्याल को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक: बटाला केस दो हफ्तों में सुलझाया!

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों और केंद्रीय संगठनों से जुड़े 463 पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित करने का निर्णय लिया है। इन पुलिसकर्मियों को उच्च पेशेवर मानकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 2024 के लिए ‘केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक’ से सम्मानित किया जाएगा। पंजाब के लिए गौरव की बात है कि इस राज्य से केवल एक ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) का चयन हुआ है। यह पदक पुलिस और सुरक्षा बलों के सदस्य को प्रोत्साहन देने और उनके कार्यों की सराहना करने के लिए दिया जाता है, ताकि वे उत्कृष्टता की ओर प्रेरित हो सकें। इस सम्मान की घोषणा केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर की जाती है, जिन्हें ‘लौह पुरुष’ के नाम से भी जाना जाता है। स्वतंत्रता के बाद, पटेल के नेतृत्व में देश की रियासतों का भारत में विलय किया गया था।

पंजाब की पुलिस अधिकारी अश्विनी गोत्याल, जो 2016 बैच की आईपीएस हैं, को इस प्रतिष्ठित मेडल के लिए चुना गया है। वे 463 पुलिस अधिकारियों में पंजाब की एकमात्र प्रतिनिधि हैं, जिन्हें इस सम्मान के लिए नामित किया गया है। गोत्याल ने जांच, विशेष संचालन और फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में जो उत्कृष्टता प्रदर्शित की है, उसके लिए उन्हें यह पुरस्कार मिल रहा है। वे कर्नाटक की निवासी हैं और वर्ष 2016 में 625वें रैंक से यूपीएससी परीक्षा पास की थी, जो उनकी कड़ी मेहनत और संघर्ष की कहानी को दर्शाता है।

अश्विनी गोत्याल को यह सम्मान प्राप्त करने के लिए विशेषतः बटाला में हुए एक नृशंस हमले के केस को सुलझाने में उनकी भूमिका के लिए चुना गया है। जून 2023 में हुए इस हमले में शिवसेना नेता राजीव महाजन, उनके बेटे मानव महाजन और भाई अनिल महाजन को निशाना बनाया गया था। उस समय बटाला की कमान संभाल रही गोत्याल ने मात्र दो हफ्तों के भीतर इस मामले का समाधान कर दिया। इस मामले में पुलिस ने तरनतारन के आरोपी शूटर जशनप्रीत सिंह और अमृतसर के दलबीर सिंह को गिरफ्तार किया। इस गोलीबारी की जिम्मेदारी खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) ने ली थी और इसे कनाडा में आतंकवादी हरदीप निज्जर की हत्या का प्रतिशोध भी बताया गया था।

गोत्‍याल के अद्वितीय कार्य और पुलिस सुरक्षा में उनकी सक्रियता से यह स्पष्ट होता है कि कैसे पुलिस बल अपने कर्तव्यों को निभाने में उच्चतम मानक स्थापित कर सकता है। उन्होंने जो साहस और निपुणता दिखाई है, वह न केवल उनकी व्यक्तिगत क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि कैसे देश के गंभीर मामलों को सुलझाने के लिए हमारी पुलिस बल सक्षम हैं। इस अवार्ड और सफलता की कहानी ने प्रेरित किया है कि प्रत्येक पुलिसकर्मी को अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए और निरंतर उत्कृष्टता की ओर बढ़ते रहना चाहिए।