जालंधर के छिंज मेले में हुई फायरिंग: पूर्व महिला सरपंच की आयोजन में 2 गिरफ्तार!

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पंजाब के जालंधर जिले में स्थित पतारा के पास गुरुवार रात को छिंज मेले के आयोजन के दौरान एक विवाद पैदा हो गया, जो बाद में गंभीर स्थिति में बदल गया। मेले के आयोजकों और एक बाहरी संगठन के बीच हुई कहासुनी के चलते, बात इतनी आगे बढ़ गई कि वहां मौजूद कुछ उपद्रवियों ने राइफल से गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने इस मामले में सुदागर सिंह और हरजोत सिंह नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कि गांव कपूर, पतारा के निवासी हैं। इसके अलावा, चार अन्य संदिग्ध व्यक्तियों को भी नामजद किया गया है जिनमें अमनदीप सिंह उर्फ अमना, अमनदीप सिंह, हरजोत सिंह, अकालजोत सिंह और राजवीर सिंह शामिल हैं।

जांच के सिलसिले में एसएसपी हरकमल प्रीत सिंह खख ने कहा कि पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार बरामद किए हैं। इनमें एक .315 बोर राइफल, एक .32 बोर रिवॉल्वर, और एक एयर गन शामिल हैं। उपद्रवियों से कुछ धारदार हथियार और एक कार भी मिली है। पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिसमें बीएनएस 2023 की धाराएं 109, 125, 190 और 191 (3), और आर्म्स एक्ट की धाराएं 25, 27 और 29 शामिल हैं। पुलिस जल्द ही आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर भी लेगी ताकि पूछताछ की जा सके।

पत्रा के गांव कंगनीवाल में आयोजित छिंज मेले में इस विवाद की शुरुआत हुई थी। आयोजकों में पूर्व सरपंच हरजीत कौर शामिल थीं। मेले में विभिन्न संगठनों की भागीदारी थी, और उनमें से एक संगठन के साथ आयोजकों का विवाद शुरू हो गया। शुरू में यह बहस में बदल गया, लेकिन हालात जल्द ही बिगड़ गए, जब किसी एक उपद्रवी ने अपनी राइफल से गोली चलानी शुरू की। गोलीबारी के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की संज्ञान लेते हुए पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया गया, जिसके बाद डीएसपी आदमपुर कुलवंत सिंह और थाना पतारा के एसएचओ हरदेव प्रीत सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारियों ने तुरंत जांच शुरू कर दी और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा हो गया। फायरिंग की इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ नजर आता है कि स्थिति कितनी तनावपूर्ण रही। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की गहनता से जांच की जाएगी और खाली नहीं बैठा जाएगा, ताकि गुंडागर्दी करने वाले आरोपियों को दंडित किया जा सके। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।