जगराओं में एंबुलेंस धक्का कांड: स्कूटी टक्कर के बाद घायल को हायर सेंटर भेजना पड़ा!

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पंजाब के जगराओं शहर के कच्चा मलक रोड पर एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना घटी, जिसमें दो स्कूटर एक-दूसरे के साथ टकरा गए। इस हादसे में एक स्कूटी सवार युवक, सतपाल सिंह, को गंभीर चोटें आईं। जानकारी के अनुसार, सतपाल सिंह को तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को गंभीर मानते हुए उसे लुधियाना के एक उच्च चिकित्सा केंद्र में भेजने का निर्णय लिया।

जब एंबुलेंस में सतपाल को लुधियाना ले जाया जा रहा था, तभी उसे लेकर जा रही एंबुलेंस में तकनीकी समस्या आ गई और वह खराब हो गई। एंबुलेंस लंबे समय तक स्टार्ट नहीं हो पाई, जिसके कारण घायल युवक के परिजनों को मजबूरन एंबुलेंस को धक्का देकर स्टार्ट करने की कोशिश करनी पड़ी। लेकिन जब उनकी कठिनाई निरंतर बनी रही, तो परिजनों ने एक अन्य एंबुलेंस मंगवाने का निर्णय लिया। अंततः करीब 20 मिनट की कोशिश के बाद, दूसरी एंबुलेंस आकर सतपाल को लुधियाना भेजने में सहायता प्रदान की।

सतपाल सिंह के भाई, जगतार सिंह ने बताया कि उनका भाई उस दिन रोज की तरह सरकारी स्कूल में खेलकर लौट रहा था जब यह दुर्घटना हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि हादसे के कारण सतपाल के सिर पर गंभीर चोटें आईं, और इसके अलावा दूसरी स्कूटी पर सवार एक युवती भी घायल हुई है। जगतार ने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें अपने भाई की चिंता थी और वे उसे जल्द से जल्द बेहतर चिकित्सा के लिए लुधियाना भेजना चाहते थे, लेकिन मूक एंबुलेंस की स्थिति ने उनकी चिंताओं को और बढ़ा दिया।

इस घटनाक्रम ने सेवाओं की कमी का खुलासा किया है, खासकर आपातकालीन चिकित्सा परिवहन में। ऐसे समय में जब तेजी से चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है, तकनीकी खराबी और आपातकालीन वाहनों की स्थिति ने परिवार की चिंता को बढ़ाने का काम किया। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि ऐसी परिस्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाएं समुचित रूप से कार्यशील रहें।

इस तरह के हादसे न केवल घायलों के लिए, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी तनाव पैदा करने वाले होते हैं। सतपाल का मामला एक उदाहरण है कि किस प्रकार अव्यवस्थाएं और असुविधाएं लोगों के जीवन को प्रभावित कर सकती हैं। सभी को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े और हर किसी को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।