होशियारपुर जिले के गढ़शंकर के गांव मोरवाली में हाल ही में दो गुटों के बीच हुई झड़प ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। यह घटना तब हुई जब गुरप्रीत सिंह अपने दोस्तों के साथ एक राजनीतिक पार्टी की रैली में जाने के लिए निकले थे। उनकी यात्रा के दौरान, जब वे अपने घर से सिर्फ सौ मीटर दूर पहुंचे, तो वहां मनप्रीत सिंह के निवास के बाहर झड़प शुरू हो गई। दोनों तरफ से धारदार हथियारों का उपयोग किया गया और फायरिंग की आवाजें सुनाई दीं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस फायरिंग की घटना की पुष्टि नहीं की है।
इस झड़प के दौरान गुरप्रीत सिंह के साथियों ने मनप्रीत सिंह, सुखतियार सिंह और शरणदीप सिंह पर हमला किया। इस हमले में तेज धार के हथियारों का प्रयोग किया गया, जिसके चलते मनप्रीत सिंह और उनके साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। यह संघर्ष इतना भयंकर हो गया कि झड़प के बीच में खड़ी दो बुलेट मोटरसाइकिलें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए घायल युवकों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल पर मौजूद दूसरे गुट के सदस्य गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को भी इस झड़प में गंभीर चोटें आईं। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सिविल अस्पताल गढ़शंकर में भर्ती किया गया, जहां से आगे की चिकित्सा के लिए उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया। इस झड़प में तीन लोगों की मौत और एक गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने पूरे गांव में भय और अशांति पैदा कर दी है।
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि राजनीतिक विद्वेष और गुटबंदी ने एक बार फिर इस तरह की रक्तपात की घटना को जन्म दिया है, जो समाज के लिए बेहद चिंताजनक है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन से लोगों की मांग है कि वह इस मामले की गहन जांच कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
गांव मोरवाली में हुई इस झड़प के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है। साथ ही, पुलिस ने सभी संबंधित आरोपियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। यह घटना न केवल स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का कारण बन गई है, बल्कि इसने राजनीतिक रैलियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठा दिए हैं। अब देखना है कि प्रशासन कितनी जल्दी इस मामले को सुलझाता है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करता है।