जलालाबाद: नशे की चपेट में नौजवान ने गंवाई जान, घर का सबकुछ बेच डाला!

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फाजिल्का के जलालाबाद क्षेत्र के गांव घटियावाली बोदला में एक दुखद घटना घटी है, जिसमें नशे की लत के चलते एक युवा की जान चली गई। परिवार का आरोप है कि गांव में नशे का कारोबार खुलेआम हो रहा है, जिसके कारण बीते चार वर्षों में एक युवक ने नशे की आदत डाल ली और अंततः उसकी मृत्यु हो गई। मृतक युवक का नाम 26 वर्षीय गुरदीप सिंह उर्फ दीपा है, जिसके परिवार ने इस मामले में गहरी चिंता व्यक्त की है।

गुरदीप सिंह की माता विद्या बाई और भाई बूटा सिंह ने जानकारी दी कि उनके बेटे की मृत्यु नशे के कारण हुई। परिवार ने बताया कि पिछले चार वर्षों से गुरदीप नशे का सेवन कर रहा था, और इस आदी होने के चलते उसकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ती गई। उनके घर की छत भी कुछ समय पहले गिर गई थी, जिसके बाद से वह अपनी मां के साथ एक अस्थायी छत के नीचे जीवन व्यतीत कर रहा था। नशे की इस लत के कारण गुरदीप ने घर का अधिकांश सामान भी बेच दिया था। हालात इतनी खराब हो गईं कि दो दिन पहले उसकी तबीयत बेहद बिगड़ गई, जिसके बाद उसे जलालाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

गांव के निवासियों ने इस अन्याय को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। गांव के सरपंच रणजीत सिंह और अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों, जैसे देशराज, वकील सिंह और नंबरदार श्यामलाल ने यह बताया कि उनके गांव में नशे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। वे लगातार पुलिस प्रशासन से अनुरोध कर रहे हैं कि ऐसे नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। अब यह ज़रूरी हो गया है कि प्रशासन इस समस्या के प्रति गंभीरता से ध्यान दे और नशे के कारोबार को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए।

गुरदीप सिंह की मौत ने गांव में एक बार फिर से नशे की बेअधिकार बिक्री के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। समुदाय के सदस्यों ने विचार-विमर्श किया है कि नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को इस मुसीबत से निकालने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। वे नशे की लत के शिकार लोगों को चिकित्सा सहायता मुहैया कराने पर भी जोर दे रहे हैं, ताकि वे अपनी जिंदगी को एक नई दिशा दे सकें।

इस दुखद घटना ने गांव के लोगों को एकजुट करने का कार्य किया है, और अब सभी ने नशे के खिलाफ एकजुट हो कर खड़े होने का संकल्प लिया है। अगर प्रशासनिक स्तर पर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इस समस्या के बढ़ने की संभावनाएं अत्यधिक हैं। यह मामला केवल एक युवक की मौत की कहानी नहीं है, बल्कि एक समाज के बीमार होने का संकेत है। इसलिए गांव के लोग इस मुद्दे पर गहरी नजर बनाए हुए हैं और उचित कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।