पंजाब के फरीदकोट छावनी में स्थित मिलिट्री अस्पताल में तैनात एक कर्नल डॉक्टर के साथ धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, एक फर्जी मोबाइल ऐप के माध्यम से कर्नल डॉक्टर से 72 लाख रुपए की ठगी की गई है। कर्नल डॉक्टर सुरजीत मुंडल, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल के निवासी हैं, ने हाल ही में इस ऐप के जरिए ट्रेडिंग शुरू की थी। हालांकि, जब उन्होंने अपने निवेश की गई राशि वापस निकालने का प्रयास किया, तो उन्हें यह धनराशि प्राप्त नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
डीएसपी राजकुमार के अनुसार, पुलिस ने बिजली की रफ्तार से कार्रवाई करते हुए तत्काल इस मामले में केस दर्ज किया और जांच शुरू की। प्राथमिक जांच के दौरान, पुलिस ने पीड़ित डॉक्टर के 11 लाख रुपए को फ्रीज कर दिया है, ताकि उन्हें जल्द से जल्द वापिस किया जा सके। इसके अलावा, बाकी की धनराशि को बरामद करने के लिए कार्रवाई जारी है। राजकुमार ने बताया कि यह धोखाधड़ी की कई युवा पीढ़ियों को प्रभावित कर रही है, जो आधुनिक तकनीक और निवेश के लालच में फंस जाते हैं।
कर्नल सुरजीत मुंडल ने बताया कि उन्होंने कुछ महीनों से इस ऐप का इस्तेमाल किया, लेकिन अब जब उन्हें यह समझ में आया कि वह ठगी का शिकार हो गए हैं, तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि ऐसा ठगी का काम काफी सुनियोजित है और इनके पीछे कई संगठनों का हाथ हो सकता है। इस मामले ने स्थानीय लोगों में ठगी की बढ़ती घटनाओं के प्रति जागरूकता फैलाने का काम किया है।
डीएसपी ने चेतावनी दी है कि लोग ऐसे फर्जी ऐप्स के झांसे में न आएं। उन्होंने कहा, “हमें ऐसे मामलों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए और समाज को ऐसे ठगों के खिलाफ जागरूक करना चाहिए।” पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी निवेश के लिए विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें और अनजान प्लेटफार्मों से दूर रहें।
इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि आधुनिक तकनीकी के साथ-साथ ठगों की गतिविधियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। नागरिकों को खुद का और दूसरों का धन सुरक्षित रखने के लिए सजग रहना होगा और ऐसे मामलों को लेकर अधिक सतर्क रहना होगा। पुलिस ने इस मामले में आगे की कार्रवाई कड़ी से कड़ी नीति के तहत करने का आश्वासन दिया है, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से अन्य नागरिकों को बचाया जा सके।