दिलजीत दोसांझ का तेलंगाना सरकार पर हमला, बोले: विदेशी मनमर्जी करे, हम पर पाबंदी क्यों?

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पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में हैदराबाद में अपने कॉन्सर्ट के दौरान तेलंगाना सरकार पर जोरदार टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारतीय कलाकारों को अपने ही देश में गाने पर प्रतिबंधित किया जाता है, जबकि विदेशी कलाकारों को पूरी स्वतंत्रता होती है। इस मुद्दे को उठाते हुए दिलजीत ने अपने प्रशंसकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया और टिकटों के विवाद पर स्पष्टता भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को यह समझ नहीं आता कि उनकी टिकटें इतनी जल्दी क्यों बिक जाती हैं और यह प्रक्रिया कई वर्षों के काम का परिणाम है, न कि एक दिन में मिली प्रसिद्धि का।

दिलजीत के इस बयान के बाद कॉन्सर्ट में मौजूद दर्शकों ने उनकी बातों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार ने उनके 몇 गानों पर प्रतिबंध लगाया है, जो शराब और हिंसा जैसे संवेदनशील विषयों से जुड़े हुए हैं। सरकार का मानना है कि ऐसे गाने समाज में नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। दिलजीत ने मंच से इसे लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और कहा, “कई लोगों को इंटरफेयर करने की आदत होती है। मैं भी दोसांझा वाला हूं, मैं इतनी जल्दी हार नहीं मानता।”

इसी कड़ी में, उन्होंने दर्शकों को यह भी बताया कि सरकार ने उन्हें सूचना दी है कि साइबर क्राइम की घटनाएं होती हैं और अगर कोई समस्या आती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पहले टिकटें खरीदते हैं और बाद में उन्हें महंगे दामों पर बेचते हैं, यह समस्या केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी मौजूद है। दिलजीत ने यह भी कहा कि यह मुद्दा धीरे-धीरे सुलझाया जाएगा और सरकार इस पर ध्यान दे रही है।

दिलजीत के ये बयान और उनके प्रति दर्शकों का समर्थन सोशल मीडिया पर भी फैल गया। उनके फैंस ने यह आवाज उठाई कि देश के कलाकारों को अभिव्यक्ति की आजादी मिलनी चाहिए। यह पहली बार नहीं है जब दिलजीत या अन्य पंजाबी कलाकारों को उनके गीतों के विषयों की वजह से विवादों का सामना करना पड़ा है। अक्सर पंजाबी गायक शराब, हिंसा और अन्य ज्वलंत मुद्दों पर गाने गाते हैं, जिसके कारण उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ता है।

इसके अतिरिक्त, दिलजीत के टिकट विवाद को लेकर हाल ही में एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने कार्रवाई की थी। उन्होंने 5 राज्यों में छापेमारी करके टिकेटों की कालाबाजारी के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। मामला तब सामने आया जब दैनिक भास्कर ने कोल्ड प्ले के टिकट स्कैम का स्टिंग ऑपरेशन किया था। इस प्रकार, दिलजीत दोसांझ का यह कॉन्सर्ट सिर्फ संगीत का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह भारतीय कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर एक महत्वपूर्ण बहस का मंच भी बना।