डेरा बाबा नानक उपचुनाव: जेल में बंद गैंगस्टर की वोटरों को धमकी, डीसी ने भेजी रिपोर्ट फिर चुनाव आयोग के पास!

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पंजाब के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के संदर्भ में सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने भारत के चुनाव आयोग और गृह मंत्रालय को शिकायत भेजी, जिसमें कहा गया कि जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया अपने वोटरों को वीडियो कॉल के जरिए दबाव बना रहा है। उनके अनुसार, यह गैंगस्टर सीधे तौर पर मतदाताओं को धमका रहा है, और इस कार्य में उसकी मां भी संलग्न है। रंधावा के इस आरोप के बाद चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी से एक विस्तृत जांच रिपोर्ट की मांग की है।

जिला निर्वाचन अधिकारी उमा शंकर गुप्ता ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा है कि अभी तक ऐसी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है जो इस दावे को साबित करती हो। उल्लेखनीय है कि रंधावा ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि जग्गू की मां, हरजीत कौर, क्षेत्र के विभिन्न घरों में जाकर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार गुरदीप सिंह रंधावा के पक्ष में वोट डालने के लिए लोगों से निवेदन कर रही थीं। बताया गया है कि हरजीत कौर अपने बेटे के साथ वीडियो कॉल कर मतदाताओं से बात कर रही थीं, जिसके जरिए वे लोगों पर अपना दवाब बना रही थीं।

रिपोर्ट में जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जो गैंगस्टर के इस कार्य को साबित कर सके। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा की कुरूक्षेत्र जेल के अधिकारियों को भी सूचना भेजा गया है, ताकि इस मामले पर और अधिक ध्यान दिया जा सके। इस संदर्भ में केंद्रीय चुनाव आयोग ने मामले की स्थिति पर नजर रखने का आश्वासन दिया है।

यह घटना इस बार के उपचुनावों के दौरान राजनीतिक माहौल को और भी गर्म कर देती है। सांसद रंधावा के आरोपों ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि वे इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं और अगर कोई ठोस सबूत मिलता है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी। इस सब के बीच, राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का माहौल गर्मा गया है, और सभी की निगाहें चुनावी प्रक्रिया पर बनी हुई हैं।

इस तरह के घटनाक्रम से साफ है कि चुनावी राजनीति में कानून व्यवस्था के मुद्दे गंभीर बनते जा रहे हैं। सभी पार्टियों को चाहिए कि वे चुनावी प्रक्रिया को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाते हुए मतदाताओं के अधिकारों का सम्मान करें। इसे देखते हुए आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा और स्थिति स्पष्ट होगी।