बरनाला में घमासान: सीएम भगवंत का मनप्रीत बादल-चन्नी पर तीखा हमला, सवालों की बौछार!

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बरनाला विधानसभा उप-चुनाव के प्रचार के दौरान, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पिछले पौने तीन सालों में उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि खजाना खाली है। इस संदर्भ में उन्होंने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जो लोग यह बयान दे रहे हैं, अब वे गिद्दड़बाहा में चुनाव लड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि ये लोग उर्दू में कुछ ऐसा बोलते हैं, जिसे आम जनता समझ नहीं पाती। मान ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले ये बठिंडा में हार गए थे और अब गिद्दड़बाहा में वापस आने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना था कि अब जब वे चुनावी वादे कर रहे हैं, तो लोगों को समझ आ जाना चाहिए कि यह सिर्फ चुनावी बातें हैं।

मुख्यमंत्री ने पराली जलाने की समस्या पर भी केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार लोगों से जागरूकता फैलाने की बात करती है, तब इसमें वित्तीय सहायता के बिना यह समस्या हल नहीं हो सकती। मान ने यह भी स्पष्ट किया कि समस्या का समाधान केवल जागरूकता से नहीं होगा, बल्कि इसके लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक 45 हजार लोगों को नौकरी दी है, जबकि उनके विरोधियों ने सत्ता में रहने के दौरान कुछ नहीं किया।

सीएम ने कहा कि बरनाला की सीवरेज प्रणाली भी समस्या का हिस्सा है। उन्होंने मजाक में यह भी कहा कि धुएं के कारण उप राष्ट्रपति का जहाज पंजाब में नहीं उतरा। इस संदर्भ में उन्होंने अन्य राज्यों – मध्य प्रदेश, यूपी, हरियाणा और राजस्थान – के धुएं का भी जिक्र किया, यह बताते हुए कि केवल पंजाब को दोषी ठहराया जाता है। उन्होंने यह चिंता व्यक्त की कि अमेरिका मंगल पर प्लॉट काटने की योजना बना रहा है, जबकि पंजाब में बुनियादी ढांचागत सुविधाएं भी पूरी नहीं हो रही हैं।

भाजपा नेताओं के बारे में बात करते हुए, सीएम ने कहा कि वे किसानों और खेतों के मुद्दों को नहीं समझते। वे केवल अपने महलों में रहकर जनता की समस्याओं की अनदेखी करते हैं। जब चुनाव आते हैं, तब ये नेता फिर से जनता के बीच आते हैं, लेकिन अब जनता ने भी समझ लिया है कि उनकी बातों में कितनी सच्चाई है। मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि उनकी पार्टी में एक-दूसरे को नीचा दिखाने की परंपरा है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी में ऐसे किसी भी व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस प्रकार, सीएम भगवंत मान ने उप-चुनाव को लेकर एक स्पष्ट संदेश दिया है, जिससे उम्मीद की जा सकती है कि यह राजनीतिक प्रतिस्पर्धा पंजाब की जनता के लाभ के लिए बेहतर विकल्प देने की दिशा में आगे बढ़ेगी। उनका यह कहना कि “अर्जियां उनकी होंगी, साइन मेरे होंगे,” इस बात का संकेत है कि सरकार जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहकर कार्य करेगी।