अबोहर के भंगरखेड़ा गांव में सरपंची चुनावों को लेकर हुई रंजिश के चलते एक व्यक्ति पर हमला किया गया। घायल व्यक्ति का नाम दयाराम है, जिसकी उम्र 42 वर्ष है। दयाराम का कहना है कि पिछले महीने हुए सरपंची चुनावों में उसने गांव के जगजीत सिंह की पत्नी को सरपंच पद के लिए समर्थन दिया था, और उनका चुनाव जीतना उसकी सहायता से संभव हुआ था। लेकिन इस जीत के बाद दूसरी पार्टी के लोग उससे रंजिश रखने लगे थे।
आज दयाराम जब अपनी स्कूटी पर सवार होकर खेत जा रहा था, तभी गांव के ही कुछ लोगों ने उसे रास्ते में रोक लिया। उन्होंने उससे बदसलूकी की और मारपीट शुरू कर दी। दयाराम के अनुसार, इस हमले के दौरान उसने शोर मचाया, जिससे हमलावर डर कर वहां से भाग निकले। इस घटना के बाद उसके परिजनों ने तुरंत उसे निकटवर्ती सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी चिकित्सा चल रही है। अस्पताल में उसके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, लेकिन वह अभी भी मानसिक रूप से परेशान है।
पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। दयाराम के बयान के आधार पर पुलिस को यह जानकारी मिली है कि रंजिश कहां से शुरू हुई थी। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, और स्थानीय समाज में इस प्रकार की हिंसा पर चिंता जताई जा रही है। सरपंची चुनावों के बाद ऐसी रंजिशें समाज के लिए एक गंभीर समस्या बन गई हैं, जो कि सामुदायिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती हैं।
पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि गांव में शांति बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को एक साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए। लक्षित हमलों की घटनाें न केवल व्यक्तिगत रूप से प्रभावित individuals के लिए हानिकारक हैं बल्कि सम्पूर्ण समुदाय के लिए भी खतरनाक हो सकती हैं।
इस घटना ने सरपंची चुनावों के बाद गांवों में बढ़ती हुई सांप्रदायिकता और व्यक्तिगत रंजिशों की चिंता को एक बार फिर उजागर किया है। इस प्रकार की घटनाएं दर्शाती हैं कि चुनावी राजनीति किस तरह से व्यक्तिगत संबंधों को प्रभावित कर सकती है और समाज में विद्यमान संघर्षों को उकसा सकती है। पुलिस अब इस मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दे रही है।