अबोहर के बुर्जमुहार कॉलोनी में एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसे परिजनों ने सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। यहां के डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर हालत के बावजूद उसे इमरजेंसी में भर्ती करके इलाज शुरू किया। हालांकि, सुबह होते-होते युवक की मौत हो गई। इस दुखद घटना से मृतक के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक की पहचान सोनू के रूप में हुई है, जो कि दो बच्चों का पिता था और उसकी उम्र लगभग 35 वर्ष थी।
मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और उचित उपचार न देने का आरोप लगाया है। सोनू को अस्पताल में भर्ती करने के दौरान उसका हीमोग्लोबिन लेवल मात्र 4 ग्राम था और प्लेटलेट्स की संख्या भी बेहद कम, यानी केवल 80 हजार थी। डॉक्टरों ने तुरंत इमरजेंसी में इलाज शुरू किया, लेकिन रात करीब साढ़े 11 बजे तक उसके शरीर में रक्त चढ़ाया गया। सुबह फिर से स्थिति बिगड़ गई, जब डॉक्टर शिल्पा ने सोनू की चिकित्सा को आगे बढ़ाया, लेकिन अचानक उसकी शुगर लेवल कम होने के कारण उसकी मौत हो गई।
मृतक के परिवार ने बताया कि सोनू के पिता व दो भाइयों की मौत पहले ही हो चुकी थी, और अब उनका इकलौता बेटा भी नहीं रहा। उसकी मां गुरनाम कौर और पत्नी कृष्णा ने अस्पताल के स्टाफ पर आरोप लगाया है कि अन्य मरीजों की भांति सोनू का उपचार सही तरीके से नहीं किया गया, जिसके कारण उनकी जान चली गई। डॉक्टर शिल्पा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने सोनू की स्थिति को गंभीरता से लिया और अपने स्तर पर बेहतर इलाज देने की कोशिश की, लेकिन मरीज का नशे का आदी होना उसकी मौत का एक कारण बना।
अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरजा गुप्ता ने इस मामले में कहा कि मरीज की स्थिति इतनी गंभीर थी कि उसके इलाज में विलंब होने की संभावना थी। बावजूद इसके, परिवार की आर्थिक कठिनाई को देखते हुए उसे भर्ती किया गया। डॉ. गुप्ता ने कहा कि जैसे ही सोनू को भर्ती किया गया, उसे प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया, लेकिन उसकी स्थिति लगातार गंभीर होती गई।
वहीं, मृतक के परिजन अस्पताल के मोर्चरी रूम के बाहर बैठे हुए न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए उचित जांच और कार्रवाई की गुहार लगाई है। इस घटना ने न केवल परिवार के लिए अपूरणीय क्षति छोड़ दी है, बल्कि यह अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल उठाता है। परिवार के लिए यह समय अत्यंत कठिनाई भरा है, और ऐसे में उन्हें न्याय की उम्मीद है।