फरीदकोट सबसे गर्म, शीतलहर ने कसी चपेट: पंजाब-चंडीगढ़ में प्रदूषण बढ़ा!

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पंजाब और चंडीगढ़ में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जो मानसून के समाप्त होने के बाद से जारी है। मौसम की स्थिति बेतरतीब हो गई है, और अगले एक हफ्ते में कोई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की उम्मीद नहीं है। इस बीच फरीदकोट, पंजाब, में सबसे अधिक तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि चंडीगढ़ का तापमान 33.1 डिग्री रहा। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने सूचना दी है कि अगले सप्ताह इन क्षेत्रों में कहीं भी वर्षा की कोई संभावना नहीं है, जबकि रात के समय तापमान में क्रमिक गिरावट आएगी, साथ ही दिन के अधिकतम तापमान में भी हल्की कमी देखी जाएगी।

इस बीच, अक्टूबर के मध्य में राज्य की वायु गुणवत्ता में भी गिरावट आ रही है। शनिवार सुबह तक कई शहरों में प्रदूषण का स्तर 100 AQI के पार चला गया था। इसे येलो श्रेणी में रखा गया है, जो कि अस्थमा, सांस की तकलीफ और हृदय रोगों से प्रभावित लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। जालंधर, लुधियाना और पटियाला को छोड़कर अधिकांश शहरों में AQI 100 के ऊपर देखा गया। अमृतसर में 117, बठिंडा में 138, खन्ना में 104, मंडी गोबिंदगढ़ में 108, जालंधर में 84, लुधियाना में 86, और पटियाला में 96 AQI दर्ज किया गया।

चंडीगढ़ और पंजाब के अन्य शहरों में मौसम का हाल कुछ ऐसा रहा। शुक्रवार को चंडीगढ़ में तापमान 33.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य स्तर से एक डिग्री अधिक है। आने वाले दिन में आसमान साफ रहेगा और तापमान 19 से 34 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। मोहाली में भी बीते सवेरे का तापमान 33.1 डिग्री रहा, जहां ज्यादा तापमान 20 से 34 डिग्री के बीच रह सकता है।

अमृतसर में, शुक्रवार का तापमान 32 डिग्री था, जो सामान्य तापमान से 1.4 डिग्री कम है, और आने वाले दिन में यह 18 से 32 डिग्री के बीच रह सकता है। जालंधर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री के आसपास रहा, और भविष्य में यह 19 से 34 डिग्री रह सकता है। लुधियाना में भी तापमान 33.1 डिग्री था, और वहां तापमान 20 से 34 डिग्री के बीच निर्धारित किया गया। पटियाला में शुक्रवार का अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री रहा, जहां आज तापमान 18 से 35 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है।

इस प्रकार, पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम के बदलाव के साथ-साथ वायु प्रदूषण का स्तर भी लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। जनता से अपेक्षाएं हैं कि एयर क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं, ताकि आस-पास का वातावरण सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक बना रहे।