हाईकोर्ट : एसटीपी प्लांट नियमों को ताक पर रखकर लगाए जाने के मामले में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश
नैनीताल, 01 अक्टूबर (हि.स.)। हाईकोर्ट ने ऋषिकेश में गंगा की सहायक चंद्रभागा नदी पर उत्तराखंड पेयजल निगम की ओर से आठ एमएलडी का एसटीपी प्लांट नियमों को ताक पर रखकर लगाए जाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद पेयजल निगम व राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार महादेव मंदिर ट्रस्ट के कुलविन्दर सिंह रावत ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि ऋषिकेश में उत्तराखंड पेयजल निगम की ओर से एनजीटी व राज्य प्रदूषण बोर्ड से बिना अनुमति लिए नियमों को ताक पर रखकर गंगा की सहायक नदी चंद्रभागा पर आठ एमएलडी ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। ट्रीटमेंट प्लांट लगने से चंद्रभागा व गंगा नदी प्रदूषित होने के साथ ही स्थानीय लोगों को कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं जैसे दुर्गंध और जहरीली गैसों का रिसाव आदि से जूझना पड़ सकता है, इसलिए इस एसटीपी ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण पर रोक लगाकर इसे लक्कड़घाट या चोरपानी ढालवाला में शिफ्ट किया जाए। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने राज्य सरकार को अपना प्रत्यावेदन दिया, लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई कि इसके निर्माण कार्य पर रोक लगाने के आदेश राज्य सरकार को दिए जाए।