पंजाब पुलिस की हाई-लेवल मीटिंग: नशे के खिलाफ डीजीपी ने दिखाई सख्ती!

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जालंधर के पीएपी परिसर में डीजीपी गौरव यादव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कानून एवं व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पंजाब की विभिन्न विशेष यूनिटों के प्रतिनिधि शामिल थे, जिनमें एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ), रेलवे पुलिस, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ), काउंटर इंटेलिजेंस, आंतरिक सुरक्षा, कानून एवं व्यवस्था, खुफिया, प्रशासन, जांच ब्यूरो, सामुदायिक मामलों का प्रभाग और प्रावधान शामिल हैं। इसके अलावा, सभी जिलों के उच्च पुलिस अधिकारियों जैसे एसएसपी, पुलिस कमिश्नर, आईजी और डीआईजी भी इस बैठक में उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य नशीली दवाओं की तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए रणनीतियों को विकसित करना था। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे नशीली पदार्थों की बिक्री के खिलाफ गांवों और शहरी क्षेत्रों में अपने प्रयासों को तेज करें। इसके साथ ही, उन अपराधों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा गया जो नागरिक सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं, जैसे जबरन वसूली, स्नैचिंग, चोरी और सेंधमारी। डीजीपी ने अधिकारियों को अवैध संपत्ति को जब्त करने और नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए आदेश दिए।

गौरव यादव ने मीटिंग में सभी प्रतिभागियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अपराधों की रोकथाम के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ाने की भी सलाह दी। उन्होंने इस दिशा में निगरानी को बढ़ाने और तकनीकी संसाधनों की सहायता से अपराधों का पता लगाने पर जोर दिया। नशीली दवाओं के कारोबार में शामिल लोगों की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया को भी तेज करने की आवश्यकता बताई गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जबरन वसूली के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति का पालन किया जाना चाहिए, जिससे ऐसे अपराधों को शीघ्रता से नियंत्रित किया जा सके।

इस बैठक में डीजीपी गौरव यादव ने मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया, यह बताते हुए कि राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता दृढ़ है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहें और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। इस बैठक ने साफ कर दिया है कि पंजाब पुलिस इस दिशा में गंभीर है और राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

समस्त अधिकारियों को मजबूत और प्रभावी कार्रवाई के लिए एकजुट होकर काम करने के लिए प्रेरित किया गया। यह बैठक निश्चित रूप से पंजाब में अपराधों के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा तैयार करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जिससे नागरिकों में सुरक्षा की भावना को पुनर्जीवित किया जा सकेगा।